कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर अनुष्ठान चल रहा है। प्रतिदिन महंत राजेंद्र पुरी के साथ श्रद्धालु भी हवन में आहुतियां डाल रहे हैं। वीरवार को पूजन के बाद महंत ने सत्संग में कहा कि सच्चे मन से निकली वाणी ही परमात्मा की पूजा व समर्पण है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक और भक्ति के मार्ग में बाहरी दिखावे की तुलना में आंतरिक सत्यता व शुद्ध मन को ही परमात्मा की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोपरि माना गया है। परमात्मा सच्चे मन की पुकार सुनते हैं। सच्चे मन से निकली वाणी, चाहे वह सरल ही क्यों न हो, एक सच्ची पूजा है। सच्ची वाणी समर्पण का प्रतीक है। जब आप सच्चे हृदय से ईश्वर के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं, तो आप अपना अहंकार छोड़कर खुद को उन्हें समर्पित कर रहे होते हैं। इस मौके पर स्वामी संदीपा नंद भारती, पुनीत सराया, सत्यवीर सिंह, सुरेंद्र कादयान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।