संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलाधिपति के रूप में सांसद डॉ सत्यपाल सिंह की नियुक्ति किए जाने पर आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा की ओर से विरोध जताया जाने लगा है। आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा प्रधान राधाकृष्ण आर्य ने कहा विश्वविद्यालय छीनने का षड़यंत्र नहीं सहा जाएगा।
उन्होंने बताया कि गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय हरिद्वार आर्य समाज की सर्वोच्च शिक्षण संस्था है, जिसकी स्थापना 1901 में महान स्वतंत्रता सेनानी स्वामी श्रद्धानंद द्वारा की गई थी। वर्तमान में इसकी स्वामिनी एवं स्पॉन्सरिंग समिति का दायित्व तीन आर्य प्रतिनिधि सभाएं, जिसमें आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब, आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा एवं दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा संयुक्त रूप से निभा रही हैं।
डॉ. सत्यपाल सिंह ने 30 दिसंबर 2022 को कुलाधिपति पद से त्यागपत्र दे दिया था, जिसे स्पॉन्सरिंग समिति ने स्वीकार कर लिया था और उनके स्थान पर तीन मार्च 2023 को नए कुलाधिपति के रूप में सुदर्शन शर्मा की नियुक्ति कर दी थी। इसके बाद यूजीसी एवं शिक्षा मंत्रालय द्वारा गत 11 फरवरी को डॉ. सत्यपाल सिंह को कुलाधिपति नियुक्त कर दिया गया, जो नियमों के विपरीत है । सुदर्शन शर्मा पहले से ही कुलाधिपति के रूप में कार्य कर रहे हैं।
ऐसा कैसे मुमकिन हो सकता है कि एक कुलाधिपति के रहते दूसरे कुलाधिपति को नियुक्त किया जा सके। राधाकृष्ण आर्य ने बयान जारी कर बताया कि जल्द ही प्रदेश भर में मीटिंगों का आयोजन कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी और इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी।