फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: धर्मनगरी की कॉलोनियां वैध होने का अभी करना होगा इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की अधिकतर अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। नगर परिषद ने भले ही 50 ऐसी कॉलोनियों को वैध किए जाने का खाका तैयार किया, लेकिन अभी इन पर मुहर लगती नहीं दिखाई दे रही। जहां 17 कॉलोनियों का सर्वे ही पटवारियों की हड़ताल के चलते अटका हुआ है वहीं सर्वे के बाद नप की ओर से डीटीपी को भेजी गई 27 कॉलोनियाें की सूची में भी अधिकतर पर सवाल उठ गए हैं।
विज्ञापन

डीटीपी कार्यालय ने बुधवार को ही इन कॉलोनियों की सूची में खामियों का जिक्र करते हुए वापस नप के पास भेज दिया है। अब नप को दोबारा से इन कॉलोनियों को खंगालते हुए खामियां दूर करनी होंगी। यही नहीं पहले भी छह कॉलोनियों पर मुख्यालय से ही प्रश्न चिह्न लग चुका है। ऐसे में फिलहाल ये कॉलोनियां वैध होने में लंबा समय लग सकता है।
बता दें कि प्रदेश सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए प्रदेश सरकार ने कुछ मापदंड तय करते हुए प्रक्रिया चलाई हुई है। विभिन्न जिलों में बड़े स्तर पर ये कॉलोनियां वैध किए जाने का एलान भी किया जा चुका है। ऐसे में धर्मनगरी के लोग भी प्रदेश सरकार की ओर से किए जाने वाले एलान पर टकटकी लगाए हुए हैं। अब नप की तैयार की गई सूची के अनुसार इन कॉलोनियों को वैध किए जाने का एलान कब होगा, यह समय आने पर ही पता चल सकेगा।
विज्ञापन



मिलेंगी मूलभूत सविधाएं, होगा प्रॉपर्टी कारोबार
कॉलोनियां वैध होने पर समुचित मूलभूत सुविधाएं इनमें रहने वाले लोगों को मिल सकेंगी। हालांकि अधिकतर कॉलोनियों में ये सुविधाएं जारी है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वैध होने के बाद ये सुविधाएं बढ़ेंगी। वहीं प्लॉट व अन्य प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री भी हो सकेगी। फिलहाल ये कॉलोनियां वैध होेने के इंतजार में पिछले कई माह से प्रॉपर्टी कारोबार भी ठप पड़ा है।


खामियों के साथ सूची नप को भेजी : अशोक
डीटीपी अशोक गर्ग का कहना है कि नियमानुसार जब नप द्वारा सौंपी गई कॉलोनियों की सूची की जांच की तो तकनीकी रूप से कई खामियां मिली है, जिसके चलते नप को बुधवार को ही यह सूची भेज दी गई है। अब अगला कार्य नप की ओर से ही किया जाना है।


दूर की जाएंगी खामियां : नरवाल
नप ईओ देवेंद्र नरवाल का कहना है कि सरकार द्वारा तय नियमानुसार ही अवैध कॉलोनियों को नियमित किए जाने को लेकर 50 कॉलोनियों की सूची बनाई गई। इनमें 27 कॉलोनियों की सूची डीटीपी के पास भेजी गई थी, इसमें अगर कोई खामी मिली है तो उसे जल्द दुरुस्त कर अगला कदम उठाया जाएगा। पटवारियों की हड़ताल खत्म होते ही बाकी सर्वे कार्य भी पूरा कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें