सड़कों पर वाहनों की गति रही धीमी, जिला भर में दर्ज की गई 15 एमएम बारिश, गेहूं की अगेती फसल को फायदा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिछले चार दिनों से बदले मौसम के बीच वीरवार को भी जिले के कईं क्षेत्रों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। आसमान में काले बादल छाने से दोपहर में अंधेरा छा गया। इससे सड़कों पर वाहनों की गति धीमी रही। बदले मौसम के बीच तेज हवा चलने से एकाएक ठंड बढ़ गई। थानेसर सहित जिले में करीब 15 एमएम बारिश दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार तीन दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। हालांकि पहले दिन सोमवार को जिले के कई स्थानों पर हल्की बूदांबादी हुई थी, जिससे ठंड बढ़ गई थी। अगले दिन भी आसमान में बादल छाए रहे थे और दिन भर सूर्य देव नहीं निकले, बुधवार को धूप निकलने से कुछ राहत मिली थी। वहीं वीरवार को सुबह से ही फिर मौसम में बदलाव हुआ, जिसके चलते दोपहर तक कहीं हल्की बारिश तो कहीं बूंदाबांदी होती रही।
मौसम में आए इस बदलाव के बाद ठंड अचानक बढ़ गई और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक रहा जबकि माना जा रहा है कि मौसम में आए इस बदलाव के चलते अगले दिनों में ठंड और बढ़ेगी हालांकि एक दिसंबर से मौसम कुछ बादलों के साथ साफ रहने की उम्मीद जताई जा रही है जबकि न्यूनतम तापमान लगातार कम होगा। नौ दिसंबर को यह नौ डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
गेहूं की पिछेती बिजाई पर विपरित असर : डॉ सिंह
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ सीबी सिंह का कहना है कि मौसम में आए बदलाव का असर गेहूं की फसल पर भी होगा। जहां अगेती व 20 दिनों पहले बुआई की जा चुकी गेहूं में हल्की बारिश होने से फायदा होगा वहीं पिछेती व व पिछले पांच से सात दिन पहले की गई बुआई पर इसका नुकसान हो सकता है। वहीं सब्जी की फसलों पर भी विपरित असर पड़ सकता है। हालांकि तेज बारिश हुई व जलजमाव हुआ तो अगेती गेहूं की फसल भी खराब हो सकती है।
आज धुंध छाने व तापमान में गिरावट की आशंका : डॉ ममता
कृषि विज्ञान केंद्र में तैनात मौसम वैज्ञानिक डॉ ममता का कहना है कि वीरवार को 15 एमएम बारिश हुई है जबकि शुक्रवार को भी हल्की बूंदाबांदी व गहरी धुंध छाने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। तापमान में गिरावट होगी।
बीमारियों से बचाव के लिए सर्तक रहे : सुखबीर
जिला सिविल सर्जन डाॅ. सुखबीर सिंह का कहना है कि बारिश के मौसम में सर्तकता से ही अनेकों बीमारियों से बचा जा सकता है। जलभराव में मच्छर पैदा होने से जल जनित बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। घर व घर के आस-पास जल ठहराव न होने दें। घर के बाहर जल निकासी नाली में पानी के ठहराव मेंं गाडिय़ों से निकला हुआ काला तेल, डीजल, पेट्रोल डालने से मच्छर नहीं पनपते। बार-बार तेज बुखार आ रहा है तो, नजदीक के नागरिक अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से परामर्श कर दवा लें।
अगले पांच दिन यह न्यूनतम तापमान रहने की संभावना
दिनांक- तापमान
एक दिसंबर 12 डिग्री सेल्सियस
दो दिसंबर 11 डिग्री सेल्सियस
तीन दिसंबर 11 डिग्री सेल्सियस
चार दिसंबर 11 डिग्री सेल्सियस
पांच दिसंबर 11 डिग्री सेल्सियस
छह दिसंबर 11 डिग्री सेल्सियस