क्षेत्र में वीरवार को मूसलधार बारिश हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में पानी भर गया तो वहीं अनाज मंडी बिकने के लिए आई किसानों की 25 हजार क्विंटल धान खराब होने की आशंका बन गई है। इससे किसानों में मायूसी छा गई है। वहीं अभी मौमस को देख अन्य किसानों में भी चिंता बनी हुई है। यह भी भय सताने लगा है कि खेत में धान की फसल बिछ न जाएं, जिससे और भी नुकसान हो सकता है वहीं धान कटाई भी प्रभावित हुई है।
उधर भाकियू प्रेस प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि खरीद शुरू न होने के कारण इतनी फसल मंडी में पड़ी है और इस बरसात से हजारों क्विंटल धान का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण किसानों की जो धान पानी में बही है या नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार को त्वरित प्रभाव से करनी चाहिए। राकेश बैंस ने कहा कि जब किसानों की फसल मंडी में बिकने के लिए आ चुकी है तो में सरकार को खरीद पर ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए थी। वहीं जब मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण कुमार मलिक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि फसल पर बरसात का प्रभाव अवश्य रहेगा, लेकिन फिलहाल बचाव है। वहीं हमेशा की तरह इस बार भी ताबड़तोड़ बरसात के कारण शाहाबाद शहर पानी में डूब गया। शहर से आने-जाने वाले सभी रास्तों में जलभराव था। शाहाबाद का लाडवा चौंक जल बार्डर बन गया था जहां से वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। कईं दर्जन वाहन पानी के कारण बंद हुए जिस कारण लोगों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। इसी तरह अरूप नगर अंडर पास का यही हाल रहा। जो छोटे तालाब में बदल गया और लोगों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया।
शाहाबाद में जहां जोरदार बारिश हुई वहीं जिला के अन्य क्षेत्रों में भी बदले मौसम का असर देखने को मिला। कुरुक्षेत्र व आसपास देर शाम तक बूंदाबांदी जारी रही। इससे पहले दिन भर गर्मी से लोग बेहाल रहे। कुरुक्षेत्र, लाडवा में दो दिन पहले भी 16 एमएम तक बारिश दर्ज की गई थी।