कुरुक्षेत्र। नशा मुक्ति केंद्र में मरीज को प्रताड़ित करने और टांग तोड़ने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले मामले में पीड़ित की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई थी।
शिकायत में जिला करनाल असंध के रहने वाले 40 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि वह नशे के टीके लगाने लग गया था, इसलिए उसके परिवार ने उसे लाडवा के नशा मुक्ति केंद्र में 27 सितंबर को दाखिल कराया था। इसके एवज में उनसे 20.5 हजार रुपये लिए गए थे और वीआईपी कमरे में रखने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि इसके बाद केंद्र संचालक विक्रम सिंह उसे प्रताड़ित करता था। 12 अक्तूबर को विक्रम, सौरभ व अन्य व्यक्ति गुरुजी ने उससे फर्श साफ कराया। उसने मना किया तो आरोपियों ने उसे पीटने की धमकी दी। डर के कारण वह उनके सारे काम करता रहा। 18 अक्तूबर शाम करीब चार बजे सौरव व गुरुजी ने उसे अपने पास बुलाया, जहां पर विक्रम सिंह भी मौजूद था। यहां विक्रम व सौरव उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। उसने विरोध किया तो उन्होंने उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने धक्का देकर उसे नीचे गिरा दिया, जिससे उसकी दाहिनी टांग की हड्डी टूट गई। वह काफी देर तक तड़पता रहा। फिर सौरव व विक्रम उसकी टांग पकड़कर घसीटते हुए साइड में ले गए। यहां पर उन तीनों ने उसकी डंडे से पिटाई की। सात बजे आरोपी उसे लाडवा के अस्पताल ले गए और उसका एक्स-रे कराया, जिसमें चिकित्सक ने उसकी हड्डी टूटने की बात बताई थी। आरोपियों ने उसके बाद उसके परिजनों को सूचना देकर उनके साथ भेज दिया। साथ ही धमकी दी कि यह बात किसी को बताई तो वह उसे जान से मार देंगे। परिजनों ने इलाज के लिए सरकारी अस्पताल करनाल पहुंचाया। बाद में उसे निजी अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। शिकायत पर लाडवा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। संवाद