शाहाबाद। सूरजमुखी की खरीद को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से आज तक भी कोई नए आदेश अधिकारियों तक नहीं पहुंचे हैं, जिसके चलते खरीद पहले के भाव अनुसार ही की जा रही है। हालांकि किसानों में भरोसा बना है तो वहीं अधिकारी भी इस भरोसे को बढ़ा रहे हैं कि उन्हें एमएसपी के बाराबर ही भाव मिलेगा, जिसके अंतर को भावांतर योजना के तहत पूरा कर दिया जाएगा। इस पर किसान शांत है तो वहीं अधिकारियों को किसान आंदोलन के खत्म होने के सातवें दिन भी नए आदेशों का इंतजार रहा।
किसानों की मानें तो सरकार किए वादे से मुकर नहीं सकती तो अधिकारियों का कहना है कि सूरजमुखी की खरीद 4800 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की जा रही है जबकि एक हजार रुपये भावांतर योजना के तहत दिए जा रहे हैं। बाकी अंतर को भी सरकार पूरा कर देगी, लेकिन सरकार की ओर से कोई आदेश आने को लेकर अधिकारी चुप्पी साध रहे हैं। उनका दावा है कि खरीद सुचारू चल रही है और किसान खुश है।
हैफेड ने अब तक खरीदी 8739.30 एमटी सूरजमुखी
जिले की छह मंडियों में सूरजमुखी की खरीद का कार्य चल रहा है। हैफेड द्वारा रविवार को 1007 मीट्रिक टन सूरजमुखी की फसल की खरीद की गई जबकि अब तक हैफेड ने 8739.30 मीट्रिक टन खरीद की जा चुकी है। एजेंसी ने इस्माईलाबाद मंडी से 27 एमटी और शाहबाद मंडी से 980 एमटी सूरजमुखी की फसल की खरीद का कार्य पूरा किया है। इस प्रकार इस जिले में 18 जून को मंडियों से कुल 1007 एमटी सूरजमुखी की फसल हैफेड एजेंसी द्वारा खरीदी गई है और अब तक हैफेड एजेंसी ने 3216 किसानों की कुल 8739.30 एमटी सूरजमुखी की फसल को खरीदा है। उन्होंने कहा हैफेड द्वारा 3301.59 मीट्रिक टन सूरजमुखी की फसल के उठान कार्य को भी पूरा कर लिया गया है।
अभी सरकार का आदेश पत्र नहीं पहुंचा : शमशेर
हैफेड जिला प्रबंधक शमशेर सिंह का कहना है कि एजेंसी की ओर से 4800 से पांच हजार रुपये तक का भाव दिया जा रहा है जबकि एक हजार रुपये भावांतर योजना के तहत जारी किए जा रहे हैं। बाकी अंतर को भी सरकार की ओर से पूरा किया जाएगा। किसानों में अब फसल खरीद को लेकर खुशी दिखाई दे रही है। खरीद व उठान कार्य सुचारू चल रहा है।