पिहोवा। धान की सीधी बिजाई के बारें में जागरुक करते उप-मंडल कृषि अधिकारी डॉ. मनीष वत्स व अन्य अ
पिहोवा। उप-मंडल कृषि अधिकारी डॉ. मनीष कुमार वत्स द्वारा मंगलवार को खंड में धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों के खेतों में जा कर सत्यापन किया गया। उन्होंने इसके लिए किसानों को प्रेरित भी किया और कहा कि सरकार द्वारा घटते भूजल स्तर को देखते हुए धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ चार हजार रुपये की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
योजना का लाभ उन किसानों को दिया जा रहा है जिन किसानों द्वारा धान की सीधी बिजाई की हुई है एवं मेरी फसल मेरा ब्योरा के माध्यम से इस योजना के प्रार्थी है। इस योजना के तहत सत्यापन किसान के खेत में जा कर किया जा रहा है एवं सत्यापन के उपरांत प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खाते में डाल दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को उन्होंने गांव तलहेडी, अरुणाय, मोरथली, बाखली, कराह साहब, दीवाना इत्यादि गांव में जा कर धान की सीधी बिजाई के क्षेत्र का निरीक्षण एवं सत्यापन किया। धान की फसल को पानी की अत्यधिक आवश्यकता पड़ती है जिसकी पूर्ति के लिए किसान को भूजल पर निर्भर रहना पड़ता है लेकिन घटते भूजल को देखते हुए एवं भविष्य में संभावित भूजल संकट के संदर्भ में धान की सीधी बिजाई एक विकल्प से रूप में उभर सकता है। धान की सीधी बिजाई करने से जल बचाने के साथ साथ पर्यावरण एवं भूमि का संरक्षण भी संभव है। इस विधि से धान बिजाई करने पर भूमि की संरचना में सुधार होने से वर्षा का जल भूगर्भ तक पहुंच सकता है जोकि पारंपरिक तरीके से लगाई धान से संभव नहीं है। धान की सीधी बिजाई अपनाने से मजदूरों की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
उनके साथ डॉ. प्रदीप कुमार, खंड कृषि अधिकारी, डाॅ. संदीप कुमार, कृषि विकास अधिकारी, बोधनी, धर्मवीर व आरती, सहायक तकनीकी प्रबंधक, पिहोवा एवं खंड के अन्य सभी सुपरवाइजर उपस्थित थे।