कुरुक्षेत्र। पहले कीलों की चादर फिर सात-सात फीट की आरसीसी की दीवारें, कांटेदार तारों के साथ लोहे की बेरिकेडिंग, बेरिकेडिंग के रूप में ही कईं-कई रोड रोलर और फिर दूसरे बड़े-बड़े वाहनों से नाकेबंदी। दोनों ओर पुलिस से लेकर सेना के हथियारबंद 500 जवानों का पहरा तो एंबूलेंस से लेकर वाटर केनन, वज्र वाहन, रोडवेज बसें व फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का जमावड़ा और इसके साथ-साथ अन्य पुख्ता इंतजाम। बीच-बीच में सायरन बजाती अधिकारियों की गाड़ियां। यह पिछले 10 दिनों से नेशनल हाईवे 44 पर शाहाबाद मे मारंकडा नदी के तट पर की कई किलेबंदी है।
देश की राजधानी दिल्ली से हरियाणा के साथ-साथ पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर सहित पाकिस्तान तक को जोड़ने वाले इस नेशनल हाईवे पर कभी दिन-रात हजारों वाहन फरार्ट भरते थे, लेकिन आज है तो सिर्फ यह किलेबंदी और इसके दोनों और करीब दो से तीन किलोमीटर तक पसरा सन्नाटा।
वाहनों के न गुजर पाने के चलते यहां से आसपास के कुछ नौकरीपेशा लोग पैदल ही गुजरते दिखाई देते हैं, जो यहां दिन-रात तैनात पुलिस व सेना के जवानों और इस किलेबंदी को देख भयभीत से दिखाई देते हैं। हाईवे सील किए जाने के चलते एक और पूरी पक्की सड़क पर सात-सात फीट की कंकरीट दीवारें व दूसरी बेरिकेडिंग हैं। वहीं हाईवे के दोनों ओर कच्चे फुटपाथ पर भी आठ से दस फीट गहरी खाई खोदी हुई है, ताकि किसान किसी भी तरह से यहां से आगे न बढ़ सके।
अब यहां से पैदल ही गुजरने वाले लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। भले ही हालात के चलते यह उनकी बड़ी मजबूरी है, जिसके आगे जवान भी उन्हें रोकने में बेबस हो जाते हैं, लेकिन हाईवे पर बने बिना किसी कल्पना के इन हालात को देख हर कोई सहमा सा दिखाई देने लगता है। जवानों ने यहां से इन लोगों को पैदल गुजरने का मौका भी तब दिया है, जब शंभू बार्डर पर प्रदर्शनकारी किसान कुछ शांत दिखाई दिए। संवाद
पेड़ों पर सीसीटीवी कैमरे, दिन-रात कड़ी निगरानी
किलेबंदी के लिए बेरिकेडिंग व सेना व पुलिस के जवान ही नहीं बल्कि अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे तक यहां आसपास के पेड़ों पर लगाए गए हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजरें रखी जा सके। जवान दिन-रात कड़ी निगरानी कर रहे हैं तो कई किलोमीटर दूर तक रूटों को डायवर्ट किया हुआ है।
सोचा न था कभी हाईवे पर भी कंकरीट दीवारें होंगी
पुलिस ने इस किलेबंदी से एक दो किलोमीटर पहले ही नाकेबंदी की हुई है, लेकिन किसी तरह यहां तक बुधवार सुबह कोहरे के चलते को दो गाड़ियां पहुंच भी गई, जो इस किलेबंदी में सीधे ही टकरा गई। इसमें घायल हुए एक गाड़ी के चालक चंडीगढ़ के गुरदीप का कहना था कि उन्होंने कभी सोचा भी न था कि नेशनल हाईवे पर भी ऐसी कंकरीट की दीवारें होंगी। वहीं जान जोखिम में डालकर गुजर रहे संदीप, सतनाम व सत्या देवी का कहना था कि जिंदगी में ऐसे हालात पहली बार ही देख रहे हैं। किस तरह सब कुछ यहां ठहर सा गया है और यहां किए प्रबंध देख लग रहा है कि यहां कोई बड़ा युद्ध होगा।