पिपली । बारिश से गेंहू, सब्जी व सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। हजारों एकड़ गेंहू की फसल जमीन पर बिछ गई। ऐसे में गेंहू के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। दिनों सरसों की फसल कटाई चल रही थी तो गेहूं की फसल भी पकाई की ओर थी। बारिश व हवा चलने से अनेक खेतों में गेंहू की फसल तहस-नहस हो गई है और हजारों एकड़ फसल जमीन पर बिछ जाने से अन्नदाताओं के चेहरों पर मायूसी छा गई है। अब गेंहू की फसल पकने लग रही है और बरसात के चलने से गेंहू के उत्पादन में काफी कमी आने की बात किसान कर रहे हैं और किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
ओलों से फसल हुई बर्बाद
शादीपुर गांव के पूर्व सरपंच संदीप ने कहा कि कई जगहों पर बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हुई है। उनके गांव में भी बारिश से अनेक किसानों की फसल जमीन पर बिछ गई। गेहूं की फसल तहस नहस हो गई है। पहले ही किसान कर्जे में डूबा है और अब ओर कर्ज बढ़ जाएगा। सरकार से मांग है कि गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
जमीन पर बिछ गई है फसलें
युवा किसान जरनैल सिंह ने कहा कि तीन दिन पहले भी बारिश हुई तो सोमवार दोपहर बाद फिर तेज बारिश हो गई। इसके साथ ही तेज हवाएं भी चली, जिससे फसलें जमीन पर बिछ गई है, जिससे भारी नुकसान होगा। किसान पहले ही खराब हालात से गुजर रहा है अब प्रकृति ने भी बड़ी मार की है।
सरकार जल्द कराए गिरदावरी :चढूनी
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढुनी ने कहा की सरकार बरसात से खराब हुई फसलों को स्पेशल गिरदावरी करवाए। क्लेम देने के बीमा कंपनियों को निर्देश दें। जल भराव के कारण बीमा कंपनियों द्वारा क्लेम देने से मना करने पर सरकार खुद मुवावजा दें, ताकि किसान की भरपाई हो सके।
72 घंटे में टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं किसान : डॉ गुलाब
डॉ गुलाब सिंह खंड कृषि अधिकारी का कहना है कि खंड में पहले दिन 17 दूसरे दिन 46 व तीसरे दिन तीन एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश से काफी फसलों को नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन फसलों में भी नुकसान हुआ है, वे 72 घंटे के अंदर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001802117 पर अपनी शिकायत दर्ज करा दें और 72 घंटे के अंदर-अंदर टोल फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करेगा उसी के खेत का सर्वे कृषि विभाग या बीमा कंपनी करेगी।