कुरुक्षेत्र। चयनित विद्यार्थियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते कुलपति प्रो. सोमनाथ
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भू-भौतिकी विभाग के अंतिम वर्ष के एमएससी (टेक) एप्लाइड जियोफिजिक्स के छात्र रोहित चौहान (टीम लीडर), अभिषेक मनवाल और इशिका अग्रवाल (सदस्य) को प्रतिष्ठित इमेज 2024 सम्मेलन में सोसाइटी ऑफ एक्सप्लोरेशन जियोफिजिसिस्ट एसईजी इवॉल्व प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। ये कार्यक्रम 26 से 29 अगस्त के दौरान (यूएसए ) टेक्सास के ह्यूस्टन में आयोजित होगा।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने विभाग के शिक्षकों और छात्रों को प्रोत्साहित किया और कहा कि उन्हें गर्व है कि विश्वविद्यालय के छात्र वैश्विक मंच पर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे। यह न केवल उनके लिए बल्कि विवि और देश के लिए भी एक शानदार अवसर है। एसईजी इवॉल्व प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन के लिए कुरुक्षेत्र टीम का चयन विवि में शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता को रेखांकित करता है।
इस उपलब्धि के लिए कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने विद्यार्थियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। भूभौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. बीएस चौधरी ने भी विद्यार्थियों को ह्यूस्टन, टेक्सास, यूएसए में सम्मेलन के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विभाग के छात्रों ने असाधारण प्रतिभा और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। आईएमएजीई 2024 सम्मेलन के लिए उनका चयन विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों के उच्च मानकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू भौतिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए विश्वविद्यालय के छात्रों की क्षमता का प्रमाण है। विभाग के संकाय सदस्य प्रो. दिनेश कुमार, डॉ. आरबीएस यादव, डॉ. सुशील कुमार और डॉ. अतुल ने टीम की उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रोत्साहित किया।
देशभर की 11 टीमों में से हुआ कुवि के तीन विद्यार्थियों का चयन
लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली विवि की टीम को इस कार्यक्रम के लिए देशभर की 11 टीमों में से चयनित किया गया है, जिसको एसईजी की फैकल्टी सलाहकार और विभाग की सहायक प्रो. मनीषा संधू द्वारा निर्देशित किया गया। डॉ. मनीषा ने कहा कि विभाग के छात्रों के लिए ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और टीम वर्क का ही परिणाम है। उन्होंने बताया कि उनकी परियोजना ने अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त की है, जो ऊर्जा अन्वेषण के लिए अभिनव दृष्टिकोण पर केंद्रित है।