संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी सिविल अस्पताल (जिला अस्पताल) की एकमात्र अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ी है। अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर गर्भवतियों को मजबूरन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की ओर रुख करना पड़ रहा है। निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।
एलएनजेपी अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 लोग अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं एक दिन में महज 40 से 50 लोगों का ही अल्ट्रासाउंड होता है। जिनका अल्ट्रासाउंड नहीं होता उनको एक से डेढ़ माह की तारीख दी जाती है। इस समय अल्ट्रासाउंड के लिए डेढ़ से दो माह तक की वेटिंग चल रही है। मशीन के खराब होने से मरीजों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ गई है। मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए दो से तीन माह की लंबी तारीख दी जा रही है।
वहीं पहले से दी गई तारीख पर अल्ट्रासाउंड कराने आ रहे मरीजों को भी नई तारीख दी जा रही है। इससे मरीजों में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ रोष भी पनप रहा है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन को पहले से पुख्ता इंतजाम करके रखने चाहिए। लोग बीमारी में ही अस्पताल का रुख करते हैं। अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जबकि सरकार तरह-तरह के दावे करती है। मशीन कब ठीक होगी, इसकी जानकारी अस्पताल प्रबंधन को भी नहीं हैं।
अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन काफी पुरानी हो चुकी है। अस्पताल प्रबंधन कई बार मशीन को ठीक करा चुका हैं। कुछ दिन के बाद मशीन दोबारा खराब हो ही जाती है। इस बार मशीन की प्रोब खराब हुई है। इस प्रोब को ही पेट पर रखकर ही अल्ट्रासाउंड किया जाता है। मार्केट में इसकी कीमत तीन से चार लाख रुपये बताई जा रही है।
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. लज्जा राम ने बताया कि बुधवार की दोपहर मशीन को ठीक करने के लिए कंपनी का इंजीनियर अस्पताल आया था। काफी मशक्कत के बाद भीमशीन ठीक नहीं हो पाई। इंजीनियर ने वीरवार को दोबारा आकर मशीन ठीक करने का आश्वासन दिया है।
जल्द ठीक होगी मशीन : डॉ. साराह अग्रवाल
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. साराह अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही अल्ट्रासाउंड मशीन को ठीक करा दिया जाएगा। अस्पताल की ओर से डीजी हेल्थ को नई मशीन की मांग भी भेजी गई है। वहीं इस मशीन को ठीक करने के लिए भी पत्र लिखा गया है।