कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में सोमवार को भाद्रपद मास की सोमवती अमावस्या पर पूजन एवं भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महंत राजेंद्र पुरी ने श्रद्धाुलओं को अमावस्या पर पूजा-अर्चना का महत्व बताया।
उन्होंने कहा कि गरुड़ पुराण में बताया गया है कि सोमवती अमावस्या पर पितरों का तर्पण करना बहुत शुभ होता है। इस दिन पितरों को तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इस बार सोमवती अमावस्या के दिन शिव योग भी रहा है। विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा सोमवती अमावस्या के दिन करने से पारिवारिक जीवन में सुखद बदलाव देखने को मिलता है। भगवान शिव जी की आराधना करने से अक्षय फलों की प्राप्ति होती हैं। इसी अवसर पर श्रद्धालुओं ने सर्व कल्याण की भावना से महंत राजेंद्र पुरी के साथ महामृत्युंजय मंत्र जाप, शिव चालीसा व हनुमान चालीसा का भी पाठ किया। पूजन के बाद काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर विजय राठी, अजय कुमार, ईश्वर दास, विजयंत, बलकार सिंह, सुशांत, शुभव, हरिओम, विनीता रानी, वंदना, दीक्षा अरोड़ा इत्यादि भी मौजूद रहे।