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Kurukshetra News: आज जल में प्रवाहित किया जाएगा संत बाबा मान सिंह का पार्थिव शरीर

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पिहोवा। गुरुद्वारा सचखंड ईशर दरबार साहिब जुरासी खुर्द के प्रमुख संत बाबा मान सिंह के पार्थिव शरीर को मंगलवार की सुबह साढ़े छह बजे पंजाब के नंगल में विभोर साहिब ले जाया जाएगा। यहां उनको जल में प्रवाहित किया जाएगा। शनिवार देर शाम संत बाबा मान सिंह का मोहाली के अस्पताल में निधन हो गया था। वे पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
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रविवार देर संत बाबा मान सिंह का पार्थिव शरीर गुरुद्वारा साहिब लाया गया। सोमवार सुबह उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दरबार में रखा गया। यहां हजारों की संख्या में संगत उनके अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचीं। वहीं सुबह से ही गुरुद्वारे में शबद कीर्तन चलता रहा। शबद कीर्तन के लिए विभिन्न गुरुद्वारों से दाड़ी जत्थे पहुंचे थे। इस दौरान संगत सतनाम वाहेगुरु का जाप किया।

मंगलवार को संत बाबा मान सिंह के पार्थिव शरीर को पंजाब नंगल गुरुद्वारा विम्भोर साहिब ले जाया जाएगा। रास्ते में संगत उनकी पार्थिव शरीर को नमन करने के लिए गांव रोहड़ जगीर, दुधन साधा, देवीगढ़ , भुनरहेड़ी, बेहल व पटियाला बाईपास पर गुरुद्वारा श्री नानकसर साहिब से गांव बारन, जख्वाली, माधोपुर चौकसरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, मोरिंडा, कुराली, रोपड़, आनंदपुर साहिब होते हुए नंगल के लिए ले जाया जाएगा। वहां उनके पार्थिव शरीर को गुरुद्वारा विम्भोर साहिब ले जाने के बाद जल में प्रवाह किया जाएगा।
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होशियारपुर में हुआ था संत बाबा मान सिंह का जन्म
संत बाबा मान सिंह का जन्म पूर्णिमा के दिन दिसंबर 1954 को गांव पुलपूरा टांडा, तहसील दसुआ, जिला होशियारपुर में हुआ था। होशियारपुर से इनका पूरा परिवार पिता बंता सिंह, माता प्रकाश कौर इनके पांच भाई तथा तीन बहनों सहित पूरा परिवार गांव जुरासी में सन 1956 में यहां आकर रहने लगा। इनकी प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय भट्टमाजरा, हाई स्कूल शिक्षा गवर्नमेंट हाई स्कूल पिहोवा , कॉलेज की शिक्षा एसडी कॉलेज अंबाला कैंट मोदी कॉलेज पटियाला जब यहां मोदी कॉलेज पटियाला से शिक्षा ग्रहण कर रहे थे तो वह उसी समय रारा साहिब संत बाबा ईशर सिंह के संपर्क में आए। वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पैतृक स्थान न जाकर खेतों में जहां पंप हाउस था। उसी जगह पर रहने लगे और कुछ समय के पश्चात 21 मई 1976 को बाबा जी द्वारा गुरुद्वारा साहिब की नींव रखी। उन्होंने बीएमएस ज्ञानदीप विद्यालय 1994 में फौजी प्लॉट में प्रारंभ की। संत ईशर सिंह एकेडमी 1998 मे स्थापित किया। उनके दिशानिर्देश में संत ईशर मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल व लड़कियों की शिक्षा के लिए ईशरजोत डिग्री कॉलेज चल रहा है। उनके द्वारा ईशरजोत नर्सिंग कॉलेज व संत करम सिंह एकेडमी रोपड़ में चलाया जा रहा है। इनके देश-विदेशों में 13 गुरुद्वारे हैं। विदेशों में यूएसए , यूके , कनाडा , इटली और भारत में आनंदपुर साहिब , रोपड़ , जालंधर ,दिल्ली , उदयपुर में स्थापित हैं। बाबा जी की ओर से भूकंप पीड़ित गुजरात (भुज) उड़ीसा (बाढ़) कारगिल (सर्जिकल स्ट्राइक) 350 वां गुरु गोविंद सिंह प्रकाशोत्सव पटना साहिब, नांदेड़ साहिब आदि स्थानों पर लंगर लगाए गए। उन्होंने समाज में अपना भरपूर योगदान दिया। समाज में जहां जहां लोग विपदा से पीड़ित थे उनकी सेवा करने में भी हमेशा आगे रहे ।
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