कुरुक्षेत्र। चुनाव संबंधी बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारी व कर्मचारी। विज्ञप्ति।
कुरुक्षेत्र। जिला पुलिस पांच अक्तूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए चौकन्ना है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से मतदान केंद्रों पर तीन हजार पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ की आठ कंपनी को तैनात किया गया है। जिला प्रशासन की तरफ से चार विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए कुल 810 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 153 संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र हैं, जिस पर अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव के दौरान पुलिस की 52 टीमें गश्त करेंगी। इसके अलावा चार पुलिस उप-अधीक्षक, चार निरीक्षक तथा 11 थाना प्रबंधक सुरक्षा की कमान संभालेंगे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दो नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, साथ ही दो निगरानी कक्ष मॉनिटरिंग रूम भी बनाए गए हैं। इससे पहले पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक की। इसमें पुलिस अधीक्षक ने उनको चुनावी ड्यूटी पर जाने से पूर्व जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। पुलिस अधिकारी चुनावी ड्यूटी पर तैनात रिटर्निंग व सुपरवाइजर अधिकारी के साथ बेहतर तालमेल रखने के निर्देश जारी किए। निर्देश जारी किए कि कोई भी अधिकारी व कर्मचारी समय से पहले अपनी ड्यूटी को न छोडें, अन्यथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
धारा 189 (4) लागू
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चुनाव के दौरान प्रशासन की ओर से बनाए गए मतदान केंद्र से 200 मीटर के दायरे में धारा 189 (4) लगाई गई है। इसलिए मतदान केंद्र के नजदीक किसी प्रकार का हथियार, प्रचार सामग्री व अन्य कोई संदिग्ध वस्तु लेकर जाने की मनाही है। केंद्र के नजदीक भीड़ को इकट्ठा नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई भी व्यक्ति धारा 189 (4) का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।
धर्मशाला और होटल की जांच के निर्देश
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी होटल, ढाबों, धर्मशाला, रेस्टोरेंटों और यात्री निवास की जांच करने के निर्देश दिए। निर्देश दिए कि यहां पर ठहरे हुए लोगों से गहनता से पूछताछ की जाए ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना से बचा जा सके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। गांवों में बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी भी करें। जिले में पंजाब, यमुनानगर, करनाल, अंबाला व कैथल से प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की गहनता से तलाशी लें।