कुरुक्षेत्र। कंप्यूटर ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी बुधवार को जारी रही। इनके अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से अब तक एक हजार से ज्यादा रजिस्ट्रियां अटक चुकी हैं तो दूसरे दस्तावेज भी नहीं बन पा रहे हैं और ऐसे में सरकार को भी हर रोज लाखों का फटका लग रहा है। हड़ताल के चलते बुधवार को भी तहसीलों में कुर्सियां खाली नजर आई, जिससे अपने-अपने काम कराने पहुंचे लोगों को बैरंग लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
जिला भर के 110 कंप्यूटर ऑपरेटरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से रजिस्ट्रियां, इंतकाल, जमाबंदी और आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आर सी, लाइसेंस जैसे कार्यों पर असर पड़ा है। जिले भर के 110 कंप्यूटर ऑपरेटरों में तहसील, एसडीएम और उपायुक्त कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर हिस्सा ले रहे हैं।
अटकी एक हजार रजिस्ट्रियां
कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से अब तक 1000 के करीब रजिस्ट्रियां, 1000 इंतकाल और तीन हजार के करीब जमाबंदी के काम अटक गए है। इसके अलावा आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाणपत्र 1500 के करीब, लाइसेंस व आरसी 1500 से 1700 के करीब बनने से रुक गए हैं।
मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन : प्रमोद नागपाल
हरियाणा कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के जिला प्रधान प्रमोद नागपाल का कहना है कि विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश के कंप्यूटर ऑपरेटर काफी समय से संघर्ष कर रहे है, लेकिन प्रदेश सरकार ध्यान देने को तैयार नहीं है। इसलिए सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़ा। अब वीरवार को प्रदेश भर के कंप्यूटर ऑपरेटर करनाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे और मांगों के समर्थन के लिए ज्ञापन भी सौंपेंगे।
इन मांगों के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कंप्यूटर ऑपरेटर
कंप्यूटर ऑपरेटर कर्मचारियों की मांगों में कंप्यूटर प्रोफेशनल जिला आईटी समिति डीआईटीएस का केंद्रीकरण कर बजट का प्रावधान करने, सभी कार्यरत कर्मचारियों के पद सृजित करने, एचकेआरएनएल में भेजे सभी कर्मचारियों को वापस डीआईटीएस में शामिल करने, 58 साल उम्र तक सेवा सुरक्षा देने, पद के अनुभव के साथ समान काम समान वेतन देने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
पता नहीं हड़ताल कब खत्म होगी : रमेश कुमार
अमीन गांव के रमेश कुमार का कहना है कि वे इंतकाल का काम कराने तहसील में पहुंचे थे, लेकिन तहसील में आने पर काम नहीं बना। हड़ताल के कारण परेशानी हुई। अब पता नहीं हड़ताल कब खत्म होगी। इंतकाल का काम कराने के लिए फिर से चक्कर लगाना होगा।