संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। केंद्र सरकार की योजना के तहत शहर में 24 लाख रुपये की लागत से स्थापित ई-टॉयलेट से सामान चोरी हो गया। इस पर प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराकर मात्र खानापूर्ति कर दी।
करीब चार वर्ष पहले जन स्वास्थ्य कार्यालय, हनुमान की बड़ी मूर्ति के नजदीक तथा दूसरा शाहाबाद सरकारी अस्पताल के बाहर ई-टॉयलेट स्थापित किए गए थे, लेकिन देखरेख के अभाव में यह कभी भी इस्तेमाल में नहीं लाए गए। धीरे-धीरे इसमें से सामान चोरी होने लगा और आज स्थिति यह है कि पूरा सामान चोरी हो चुका है और मात्र ढांचा शेष है।
यह ई-टॉयलेट महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग थे। ठेका लेने वाली कंपनी ने इन्हें स्थापित कर दिया था। एक रुपये का सिक्का डालकर इसका उपयोग कर सकते थे। यह ई-टॉयलेट शुरू होने से पहले ही चर्चा का विषय बन गए थे और इसका विरोध भी हुआ था। जनता की पुरानी मांग है कि शाहाबाद में सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय स्थापित किए जाएं, क्योंकि शाहाबाद के निकटवर्ती गांवों से हजारों लोग अपने कार्यों को लेकर शाहाबाद आते हैं, लेकिन शौचालय न होने के कारण उन्हें मजबूरी में खुले में जाना पड़ता है।
ज्यादा परेशानी ग्रामीण महिलाओं उठानी पड़ती है। नगर पालिका की ओर से स्थापित की गई ई-टॉयलेट ऐसे स्थानों पर स्थापित की गई जहां पर न तो कोई मार्केट है और न ही कोई ज्यादा भीड़भाड़ वाला इलाका। लोगों ने ने रामा रोड पर स्थापित ई-टॉयलेट को यहां से हटाकर बाल भवन के नजदीक स्थापित करने की मांग की थी, क्योंकि जहां पहले स्थापित किए गए हैं वहां पर अवैध वाहन, रेहड़े एवं नगर पालिका का डस्टबिन स्थापित है। इस जगह पर सभी घरों में टॉयलेट है।