संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। पंजाब सीमा से सटे ट्यूकर बॉर्डर पर बुधवार को पूरा दिन किसानों और जवानों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। मारकंडा पुल पर पंजाब की तरफ किसान ट्रैक्टरों के साथ डटे रहे। इस दौरान किसानों के तेवर तल्ख रहे। इधर, पुलिस के साथ आरएएफ और बीएसएफ के जवानों ने मोर्चा संभाले रखा।
किसानों ने पुल पर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि किसी भी किसान ने पुल बने प्रशासन की किलेबंदी को पार करने का प्रयास नहीं किया। प्रशासन की ओर से एक किलोमीटर के दायरे में किसी के आने पर प्रतिबंध रखा गया। वहीं पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल के जवान नाके पर पूरे लाव-लश्कर के साथ नाकाबंदी करके रखी।
पुलिस के जवान पुल पर नाकाबंदी से भी करीब 20 फुट आगे तक बैठे थे। साथ ही मारकंडा मंदिर की छत से भी किसानों पर नजर रखी जा रही थी। गुप्तचर विभाग के साथ खुफिया तंत्र भी सतर्क रहा। इसी तरह बॉर्डर पार पंजाब पुलिस भी अलर्ट रही। किसानों के अतिरिक्त किसी को भी आगे नहीं जाने दिया गया।
ट्यूकर बॉर्डर के मारकंडा पुल पर प्रशासन ने करीब 25 फीट तक 12 लेयर की किलेबंदी कर रखी है। इसके अलावा इस किलेबंदी के पीछे रोड रोलर के साथ दो व्रज वाहन और वरुण वाहन को तैनात किया हुआ है। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल के बाद आगे बढ़ने की चेतावनी को देखते हुए पुलिस ने देर रात ही एक और जगह बैरिकेडिंग कर दी। इस तरफ भी पुलिस के जवानों को तैनात किया गया।
प्रशासन की ओर से मारकंडा पुल से पहले ही नाकाबंदी कर दी गई। इस तरफ से एक किलोमीटर के दायरे में किसी को भी आगे बढ़ने की मनाही थी। नाके पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। यहां तक कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के वाहनों को भी नाके से पहले ही पार्क करना पड़ा। हालांकि ट्यूकर बस अड्डे से जखवाला की ओर से लोग पंजाब की ओर बढ़ते रहे।
हरियाणा सरकार का किसानों रोकना गलत : बूटा सिंह
भाकियू शादीपुर के प्रधान बूटा सिंह ने बताया कि किसान दिल्ली जाकर केंद्र के समक्ष अपनी बात रखना चाहते हैं, मगर हरियाणा सरकार ने किसानों को रोका हुआ है। हरियाणा सरकार किसानों के साथ गलत कर रही है। हरियाणा सरकार को केंद्र और किसानों के बीच कड़ी का काम करना चाहिए। साथ ही एसकेएम की कॉल का इंतजार हैं। कॉल आने पर आगे जरूर बढ़ा जाएगा। साथ ही उनकी ओर से धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।