कुरुक्षेत्र। वैक्सीन न दवा और स्टाफ भी कम, फिर भी जिला स्वास्थ्य विभाग कोरोना से निपटने का दम भर रहा है। जमीनी हकीकत से दूर मात्र कागजी तैयारी पर विभाग ने कोरोना से निपटने का दावा किया है। केंद्र और राज्य सरकार के आदेशानुसार विभाग ने जिलेभर के निजी और सरकारी अस्पतालों से ऑक्सीजन, बेड, वेंटीलेटर सहित कोरोना से निपटने की तैयारी की विस्तृत रिपोर्ट मांगी, मगर रिपोर्ट आने से पहले ही कोरोना ने जिला अस्पताल (एलएनजेपी) में सेंधमारी कर दी। जिला अस्पताल के तीन चिकित्सक कोरोना की चपेट में आ गए। इन तीन चिकित्सकों को होम आइसोलेट किया गया है।
वहीं प्रतिदिन बढ़ रहे कोरोना के मामले भी विभाग के लिए सिर दर्द बन रहे हैं। पिछले छह महीने में जहां एक-दो लोग ही संक्रमित मिल रहे थे, अब प्रतिदिन दो-तीन मामले सामने आने लगे हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को जिले में अलग-अलग स्थानों से आरटीपीसीआर के 238 सैंपल सहित कुल 249 सैंपल लिए गए। इसमें जिला अस्पताल के एक चिकित्सक सहित तीन लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। अब जिले में तीन चिकित्सकों सहित कुल नौ मामले सक्रिय हैं, जिनमें एक व्यक्ति को पीजीआई चंडीगढ़ तथा अन्य को होम आइसोलेट किया गया है। हालांकि अब तक कोरोना के 27,844 मामले सामने आए, जिसमें 27,427 लोग ठीक हुए, जबकि कोरोना संक्रमित 408 लोगों की मौत हो गई।
उधर, जिलेभर में विभाग की ओर से लगने वाली कोरोना वैक्सीन भी एक अप्रैल से नहीं लग रही, क्योंकि विभाग के पास मौजूद वैक्सीन 31 मार्च को एक्सपायर हो गई। अभी विभाग के पास कोरोना की कोई भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। वैक्सीन के लिए लोग दिल्ली और चंडीगढ़ की ओर रुख कर रहे हैं। इस स्थिति में विभाग के लिए कोरोना से निपटना मुश्किल होगा, क्योंकि विभाग के प्रयास के बावजूद जिले में कई लोग वैक्सीनेट नहीं हो पाए।
अब तक लगी 51 लाख 21,205 डोज
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से 31 मार्च तक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक वैक्सीन की 51 लाख 21 हजार 205 डोज लग चुकी है। इसमें 8,05,724 को पहली, 42,51,963 को दूसरी तथा 63,518 प्रिकॉशन डोज शामिल है। वहीं 12 से 14 साल के 45,754 और 15 से 18 साल के एक लाख 190 बच्चे शामिल है।
36 अनुबंध तौर पर कार्यरत कर्मी हटे
कोरोना महामारी के दौरान काम कर रहे स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी के 36 अनुबंध तौर पर कार्यरत कर्मियों की सेवाएं 31 मार्च को समाप्त हो गई। कोरोना की दस्तक के बाद भी इन कर्मियों को सरकार ने दोबारा नियुक्त नहीं किया है। अब विभाग केवल अपने कर्मियों की बदौलत कोरोना से निपटने की तैयारी रहा है। वहीं विभाग कई तरह की दवाइयां भी बाहर से मंगवाने को मजबूर है। इसमें कोरोना संक्रमित को दी जाने वाली दवाइयां भी शामिल हैं।
विभाग की तैयारी पूरी
कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. जगमिंद्र मलिक ने बताया कि जिलेभर के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों से तैयारी की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जिला अस्पताल में 20 बेड का कोरोना वार्ड भी बनाया गया है, जिसमें अनुभवी स्टाफ को नियुक्त किया है। इसमें वेंटीलेटर बेड की व्यवस्था भी करना शामिल है। जल्द ही मॉकड्रिल करके तैयारियों का जायजा लिया जाएगा। वहीं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में वैक्सीन नहीं है। स्टॉक आते ही वैक्सीन लगाना शुरू किया जाएगा।