कुरुक्षेत्र। भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। सुबह से ही लोग गर्मी से परेशान देखे जा रहे हैं। दोपहर के समय लू लोगों की मुश्किल बढ़ा रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हुए देखे जा रहे हैं। दोपहर के समय कोई मुंह पर कपड़ा बांधकर लू से से बचने का प्रयास कर रहा है तो कोई पवित्र ब्रह्मसरोवर में स्नान कर लू से राहत पा रहा है। उधर कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान बढ़ने की संभावना बनी हुई है, जिसके चलते जहां भीषण गर्मी का असर दिखाई देगा तो वहीं लू का असर भी रहने की संभावना रहेगी। गर्मी व लू के चलते अब दोपहर को सफर करने से परहेज करना चाहिए।
मंगलवार दोपहर पारा 44.1 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जिसके चलते भीषण गर्मी का सितम लोगों को सहने पर मजबूर होना पड़ा। तेज धूप और लू के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आया और बाजार में भी रौनक गायब रही। लोग पंखों, कूलरों, एसी और पेड़ों की छाया का सहारा लेकर भीषण गर्मी और लू से बचने नजर आए। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बनी हुई है।
गर्मी का असर अब बेजुबान पशुओं में भी देखने को मिल रहा है, जिसके चलते जहां गाय दूध में तीन से चार लीटर की कमी पाई जा रही है तो वहीं भैंस के दूध में भी दो से तीन लीटर की कमी देखने को मिल रही है। दूध उत्पादन की कमी के चलते दूध के मूल्यों में भी 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिल रही हैं, जिससे लोगों की जेब पर भी असर पड़ रहा है।
दूध उत्पादन पर पड़ रहा असर : सुरेंद्र कुमार
डेयरी संचालक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी और लू के कारण अब पशु दूध कम दे रहे हैं, जिसके चलते दूध उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। पशुओं की देखभाल के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। पशुओं को बचाने के लिए जहां कूलर और पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है तो वहीं दिन में कई बार स्नान भी कराया जा रहा है। पशुओं की देखभाल पर ज्यादा खर्च होने के चलते दूध के रेट में भी 10 से 15 रुपये बढ़ोतरी की गई है।
गर्मी से पशुओं के पाचन पर पड़ता है असर : जसबीर सिंह पंवार
पशुपालन विभाग के एसडीओ जसबीर सिंह पंवार का कहना है कि फिर से तापमान बढ़ने के कारण पशुओं को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी से पशुओं की पाचन क्रिया प्रभावित होती है, जिससे वे दूध कम देने लग जाते हैं। इस कारण दूध उत्पादन पर असर पड़ता है। पशुओं को भीषण गर्मी से बचाने के लिए दिन में कई बार स्नान कराएं और उन्हें तेज धूप और लू से बचाने के लिए कमरों की दीवारों पर गीले टाट का इस्तेमाल करें, ताकि ठंडक बनी रहे, साथ ही उनके लिए पंखों और कूलरों का प्रबंध भी करें।