कुरुक्षेत्र। विश्व पटल पर कुरुक्षेत्र को धर्मनगरी के रूप में जाना जाता है वहीं अब एक और बड़ी पहचान मिलने वाली है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जहां गीता का अमर संदेश हजारों वर्ष पहले दिया था, उसी गीता स्थली ज्योतिसर पर विश्व की सबसे बड़ी गीता के भी दर्शन होंगे। यह गीता इस्कॉन द्वारा करीब 125 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे गुरु शिष्य पर आधारित विश्व के सबसे बड़े श्रीकृष्ण अर्जुन मंदिर में विराजेगी।
इटली के मिलान में विशेष तौर पर तैयार करवाई गई यह गीता मंदिर में पहुंच चुकी है और अब मंदिर के निर्माण कार्य व गीता के विराजे जाने का इंतजार है। इस गीता की विशालता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसका वजन एक हजार किलोग्राम है। यूपो सिंथेटिक पेपर नामक विशेष कागज से तैयार कराई गई 700 पेज की पवित्र गीता के पन्ने मशीन से पलटे जा सकेंगे। इसमें प्रयोग किया गया कागज तेल, केमिकल व पानी से खराब नहीं होता और इसे तैयार करने के लिए पेड़ नहीं काटने पड़े। दिल्ली के मंदिर में अभी नौ बाई साढ़े छह फीट की 800 किलो की पवित्र गीता विराजमान है।
बौद्ध स्तूप बनकर होगा तैयार
करीब पांच करोड़ की लागत से ब्रह्मसरोवर से सटे बौद्ध स्तूप का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इसे पूरी तरह नया रूप दिया जा चुका है और अधिकतर कार्य पूरा भी किया जा चुका है। उम्मीद है कि बाकी कार्य भी नए साल में पूरा होगा। इस स्तूप को देखने के लिए 24 नवंबर को ही मलयेशिया से बौद्ध गुरु सेक काई ली महाथेरो भी पहुंचे थे।