शाहाबाद। मारकंडा नदी में बुधवार को जलस्तर देर शाम को 27,841 क्यूसेक तक कम हुआ, जिससे कुछ राहत मिली, लेकिन बाढ़ के हालात से फिलहाल शहर के लोगों को निजात नहीं है। शहरी एरिया में करीब आधा फीट तक पानी कम हुआ जबकि अटारी कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, हुड्डा सेक्टर पार्ट एक एवं पार्ट दो में बाढ़ का कहर जारी रहा।
शहर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाढ़ की स्थिति चिंताजनक रही। लोगों की सहायता के लिए कई संस्थाएं व युवाओं की टोलियां लोगों की मदद करती दिखाई दी। लंगर व अन्य राहत सामग्री भी वितरित की गई। बाढ़ प्रभावित इलाकों के सभी लोगों द्वारा पूरी रात अपने घरों की छतों पर बंधकों की तरह गुजारनी पड़ी तो वहीं बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर निकलने लगे।
एसडीएम करते रहे निगरानी
एसडीएम पुलकित मल्होत्रा जहां दिन-रात लोगों को बचाने के लिए प्रयासरत है तो वहीं पानी निकासी को लेकर भी भरसक प्रयास करते दिखाई दिए। उनके निर्देशों पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक कुलदीप सिंह स्वयं कुरुक्षेत्र जाकर सूखे दूध के पैकेट खरीद कर लाए तथा उन्हें गुरुद्वारा श्री मस्तगढ़ साहिब के सेवादारों के माध्यम से बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों में बंटवाया। डाडलू पाडलू के बांध को रिपेयर करवाने के उपरांत हुडा व हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीती रात चार से पांच इंच जलस्तर घटा है, लेकिन प्रशासन ने अभी भी सतर्क रहने की चेतावनी दी है। संवाद