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Kurukshetra News: शहर की नई वार्डबंदी ने बिगाड़े चुनावी समीकरण, उपायुक्त दरबार पर पहुंच रही आपत्तियां

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कुरुक्षेत्र। नगरपरिषद कार्यालय का बाहरी दृश्य।
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कुरुक्षेत्र। नगर परिषद द्वारा शहर की हाल ही में की गई नई वार्डबंदी ने चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में लंबे समय से लगे भावी योद्धाओं समीकरण बिगाड़ दिए हैं, जिसके साथ ही यह वार्डबंदी भी सवालों के घेरे में आ गई है, जिसके चलते जिला उपायुक्त दरबार पर लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही है तो वहीं चुनाव की तैयारी में जुटे कई लोग समाधान न होने पर फिर अदालत का दरवाजा खटखटाने को भी तैयार है।
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अभी तक दर्जनों लोग आपत्तियां दर्ज करवा चुके हैं जबकि इसके लिए 22 जनवरी अंतिम तिथि तय की गई है। उठाए जा रहे सवालों के चलते यह वार्डबंदी कामयाब हो पाएगी या फिर पहले की तरह यह मामला भी अदालत तक पहुंचेगा, यह समय आने पर पता चलेगा, लेकिन इसके विरोध में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग व विपक्ष से जुड़े रहे पूर्व पार्षद भी खुले तौर पर दिखाई देने लगे हैं। इसी बीच नगर परिषद के अधिकारी नियमानुसार ही वार्डबंदी किए जाने के दावे कर रहे हैं।
बता दें कि पिछले करीब ढाई दशक से शहर में 31 वार्ड थे और पिपली व अन्य एरिया नप में शामिल होने व शहर की जनसंख्या में बढ़ोत्तरी के चलते नई वार्डबंदी की गई, जिसमें 32 वार्ड बनाए गए हैं। पहले की गई वार्डबंदी में अनेक खामियां जाहिर की गई थी और यह मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें अभी एक मई को सुनवाई होनी है। अब सवाल उठा रहे भावी चुनावी योद्धा समाधान न होने पर इसे भी हाईकोर्ट में चैलेंज करने का मन बना चुके हैं। बताया जा रहा है कि नगर परिषद के पांच से छह हजार की आबादी पर एक वार्ड बनाया है।
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जिन एरिया को जानते तक नहीं, वे कर दिए वार्ड में शामिल : राजेश
वार्ड 21 से चुनाव लड़ने की लंबे समय से तैयारी कर रहे राजेश बंसल का कहना है कि उनके वार्ड से 200 लोगों को दूसरे वार्ड में शामिल कर दिया गया जबकि वार्ड 23 व 24 के करीब 150 लोग उनके वार्ड में दिखा दिए गए हैं। ऐसे ही दूसरे वार्डों में किया गया है। इस फेरबदल के चलते उनकी लंबे समय से की जा रही मेहनत खराब हो गई है। फेरबदल कर जिन लोगों को वार्ड में शामिल किया गया, उन्हें फिलहाल वे जानते तक नहीं। नप प्रशासन ने कई वार्ड में यह जानबूझकर भेदभाव किया है जबकि सत्तापक्ष से संबंधित वार्ड से कोई छेड़खानी नहीं की गई। उन्होंने नई वार्डबंदी की खामियों को लेकर उपायुक्त के पास आपत्ति दर्ज करवा दी है और समाधान न होने पर वे पहले की तरह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उधर एडवोकेट केके गुप्ता, विवेक भारद्वाज डब्बू सहित अन्य लोग भी सवाल खड़े कर चुके हैं।






22 तक ली जाएंगी आपत्तियां : नरवाल

नगर परिषद थानेसर के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल का कहना है कि नई वार्डबंदी को लेकर आपत्तियां मांगी गई है, जिसके लिए 22 जनवरी अंतिम तिथि तय की गई है। नई वार्डबंदी तय नियमानुसार ही बनाई गई है, लेकिन सभी आपत्तियां मिलने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। वार्डबंदी पूरे विवरण के साथ जिला प्रशासन की वेबसाइट पर 12 जनवरी से जारी की जा चुकी है।
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