कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित हवन यज्ञ में आहुति डालते भाजपा प्रदेशाध्
कुरुक्षेत्र। मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच रविवार को मुख्य कार्यक्रमों की उपराष्ट्रपति द्वारा शुरूआत किए जाने से पूर्व कुरुक्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पवित्र ग्रंथ गीता के पूजन की रस्म को अदा किया गया। इस परंपरा को निभाते हुए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, विधायक सुभाष सुधा, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी ने गीता यज्ञ में पूर्ण आहुतियां भी डाली और ब्रह्मसरोवर का पूजन भी किया। इस हवन यज्ञ में शंखनाद की ध्वनि के बीच ब्रह्मसरोवर के चारों तरफ श्लोकोच्चारण से पूरी फिजा ही गीतामय हो उठी।
महोत्सव में रविवार को ब्रह्मसरोवर पुरुषोत्तमपुरा बाग में भगवान श्रीकृष्ण-अर्जुन रथ के साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। इस हवन यज्ञ में पंडित नरेश कुमार सहित अन्य ब्राह्मणों ने परंपरा को निभाते हुए हवन यज्ञ की शुरुआत की और इस हवन यज्ञ में पूर्ण आहुतियां डालने और विश्व शांति व मानव कल्याण के लिए पूजा-अर्चना करने के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, विधायक सुभाष सुधा, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं पूर्व विधायक डाॅ. पवन सैनी, अतिरिक्त उपायुक्त एवं सीईओ केडीबी अखिल पिलानी, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, कुरुक्षेत्र 40 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, भाजपा नेत्री ममता सैनी, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, डाॅ. ऋषिपाल मथाना, कैप्टन अमरजीत सिंह, पूर्व सदस्य विजय नरुला सहित अन्य गणमान्य लोग और अधिकारीगण पहुंचे।
गीता यज्ञ में पूर्ण आहुति डालने के बाद पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया गया। इसके बाद सभी मेहमानों में परंपरा अनुसार पवित्र ब्रह्मसरोवर का भी पूजन किया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयास से गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का दर्जा मिला। इस महोत्सव में हर साल लाखों की संख्या में लोग शिरकत करते हैं। यह महोत्सव 24 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस महोत्सव को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि इस महोत्सव ने पूरी दुनिया में अपनी एक पहचान बना ली है। इस महोत्सव की परंपरा का निर्वहन करते हुए हवन यज्ञ, गीता यज्ञ और ब्रह्मसरोवर के पूजन किया गया। यह महोत्सव आमजन का महोत्सव बन चुका है और पूरे देश और विदेश के लोग इस महोत्सव के साथ जुड़ चुके हैं।