कुरुक्षेत्र। दिल्ली से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के नए स्वरूप लाए गए, इन स्वरूपों को गुरुद्वारा छठी पातशाही में स्थापित किया जाएगा। नए स्वरूप का धर्मनगरी में पहुंचते ही पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। नेशनल हाईवे उमरी चौक से मोटरसाइकिल काफिले के साथ नए स्वरूप पंज प्यारों की अगुवाई में गुरुद्वारा छठी पातशाही तक लाए गए, जहां पूरे विधान के साथ इन्हें स्थापित किया गया। संगत में जोरदार उत्साह बना रहा और नए स्वरूप के समक्ष माथा टेका।
मोटरसाइकिल व स्कूटी का काफिला लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना के नेतृत्व में पहुंची संगत ने उमरी में पूरे जोश से श्री गुरु ग्रंथ साहिब लेकर पहुंचे पंज प्यारों को सिरोपा पहनाकर अभिनंदन किया। बीच रास्ते में अनेक स्थानों पर संगत ने श्रद्धाभाव से श्री गुरु ग्रंथ साहिब का स्वागत किया। यही नहीं, इस दौरान संगत ने फलों व मिष्ठान का प्रसाद भी वितरित किया।
इससे पहले कंवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज सभी 10 गुरु साहिबान की ज्योत है और सिख के लिए सत्कार योग है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित गुरुद्वारा साहिबान में सुशोभित करने के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के स्वरूप की मांग को पूरा करने के लिए दिल्ली से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के 50 स्वरूप यहां लाए गए हैं। उन्होंने बताया कि जहां से भी मांग आती है, पहले वहां धर्म प्रचार के प्रचारक द्वारा पड़ताल की जाती है।
पड़ताल के बाद ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज का स्वरूप दिया जाता है। इस मौके पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की कार्यकारिणी समिति सदस्य बीबी रविंदर कौर अजराना, धर्म प्रचार सचिव भरपूर सिंह, अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनियामाजरा, उप सचिव रूपिंदर सिंह, सतपाल सिंह, अमरिंदर सिंह, धर्म प्रचार के सहायक सुपरवाइजर गुरपेज सिंह, प्रबंधक जज सिंह, सिख नेता नरेंद्र सिंह गिल, तजिंदर सिंह मक्कड़, जगजीत सिंह, गुरबीर सिंह, जगजीत सिंह, हरकीरत सिंह, प्रभजोत सिंह, गुरमीत सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरलाल सिंह, वरिंदर सिंह दुनियामाजरा, गुरविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह दुनियामाजरा, हरदयाल सिंह आदि बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
पड़ताल के बाद ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज का स्वरूप दिया जाता है। इस मौके पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी की कार्यकारिणी समिति सदस्य बीबी रविंदर कौर अजराना, धर्म प्रचार सचिव भरपूर सिंह, अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनियामाजरा, उप सचिव रूपिंदर सिंह, सतपाल सिंह, अमरिंदर सिंह, धर्म प्रचार के सहायक सुपरवाइजर गुरपेज सिंह, प्रबंधक जज सिंह, सिख नेता नरेंद्र सिंह गिल, तजिंदर सिंह मक्कड़, जगजीत सिंह, गुरबीर सिंह, जगजीत सिंह, हरकीरत सिंह, प्रभजोत सिंह, गुरमीत सिंह, सुखविंदर सिंह, गुरलाल सिंह, वरिंदर सिंह दुनियामाजरा, गुरविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह दुनियामाजरा, हरदयाल सिंह आदि बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।