संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। प्यार में जुदाई का अहसास अच्छा नहीं लगता, एक मुस्कुराता चेहरा, उदास अच्छा नहीं लगता... यह रचना डॉ. बलवान सिंह ने सेक्टर-13 स्थित सीनियर सिटीजन फोरम में अदबी संगम कुरुक्षेत्र साहित्य संस्था की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में सुनाई। कवि सम्मेलन में कवियों, शायरों ने वसंत ऋतु, देश हित व युद्ध की विभीषिका पर रचनाएं पेश कीं।
कवि वीरेंद्र राठौर ने अपनी रचना हद से बढ़कर के हम तो सयाने हुए, हमको थोड़ी सी तू रहनुमाई भी दे, जख्म गहरे दिए इस जहां ने हमें, इनसे बचने की कोई दवाई भी दे सुनाई। इसके बाद प्रकाश कुरुक्षेत्र ने जो दोस्तों में जलाई थी रोशनी के लिए, उसी शमां से ही दिल को जला रहा हूं मैं। कोई तो रोक लो मुझको गजल सुनाने से, गजल समझ के हकीक़त सुना रहा हूं मैं से समा बांध दिया। गुलशन ग्रोवर ने प्यार का एक दिन है न काफी प्रिये, प्यार मुझको तुम्हारा सदा चाहिए रचना सुनाई।
वहीं, डॉ. संजीव अंजुम ने जज्बा जब हो तो बन मौन, हम नींव खड़ी करते हैं। कविता रोहिल्ला नज्म ने जो कोई तुमसे सवाल पूछे, या गुजरे लम्हों का हाल पूछे ? तो वक्त रहते ही बात कर लो कविता सुनाई। डॉ. सुभाष गर्ग पार्थ ने तेरी बंसी धुन पर तांडव, धुन ये भारी हो गई है और डॉ. सुमन सांगवान ने हम सब अच्छे हैं तो फिर वो कौन है ? नफरत के जो बीज बोए, भाई को भाई से लड़ाए, वो कौन है ? सुनाकर एकता का संदेश दिया।
अदबी संगम कुरुक्षेत्र अध्यक्ष एवं शायर सूबे सिंह सुजान ने कहा कि हर शब्द में अपने, दिल को खोलने की सोची, दिल खोल नहीं पाया, गजलें तो लिखी बरसों। मैंने ये उदासी, तन्हाई में पकाई है, अब फूल खिलेंगे, दी आंसू ने नमी बरसों। कवयित्री गायत्री कौशल ने आपसे मिलिए,
इनकी हल्के में बड़ी साख है। कीमत सिर्फ पचास लाख है। आकर किसी ने दी, जब तेरे आने की खबर, हमने तमाम शहर की गलियां बुहार दी... कविता सुनाई। डॉ. हरीश कुमार रंगा ने समंदर तो झूठी गवाही देता है, दरिया को सब कुछ दिखाई देता है... सुनाकर सभी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
कवि सम्मेलन की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं साहित्यकार रत्न चंद सरदाना ने की। संचालन सचिव डॉ. संजीव अंजुम ने किया। इसके अलावा डॉ बृजेश कठिल, संजय कुमार,डॉ. ममता सूद, कस्तूरी लाल शाद, रत्न चंद सरदाना, दीपक मासूम, सत प्रकाश, सोहनलाल, सुधीर ढांढा, डॉ. राकेश भास्कर, श्याम लाल बागड़ी, कविता रोहिल्ला, मेहरचंद धीमान, ज्ञान सागर, उर्मिला, आरके शर्मा, संजय कुमार मित्तल आदि नवोदित कवियों ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं।