कुरुक्षेत्र। केयू के स्वामी विवेकानन्द हॉस्टल में युवाओं के वर्तमान और भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा शक्ति-नशामुक्ति : समस्याएं एवं समाधान विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ. रणबीर सिंह बतान ने कहा जिस तरह अनजाने में अभिमन्यु चक्रव्यूह में फंस गया और बाहर निकलने का तजुर्बा न जानने के कारण मारा गया। ठीक उसी तरह आज का युवा नशे की गिरफ्त का शिकार हो रहा है, जिससे युवाओं की मृत्यु के आंकड़े बढ़ते चले जा रहे है।
व्याख्यान संयोजक विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग के अध्यक्ष, डिप्टी चीफ वार्डन बॉयज होस्टल डॉ. कुलदीप सिंह थे। मुख्य अतिथि के तौर पर बॉयज हॉस्टल के चीफ वार्डन प्रोफेसर दिनेश राणा रहे। मुख्य वक्ता डॉ. बतान ने अपनी रिसर्च के अनुसार, नशे को पांच भागों में विभाजित करके युवाओं को उन पांचों भागों के बारे में बताया। उन्होंने हर साल नशे के कारण देश में युवाओं की होने वाली मृत्यु आदि को आंकड़ों के हिसाब से विस्तारपूर्वक बताया।
मुख्य अतिथि प्रो. दिनेश राणा ने कहा कि मैं पुरुष छात्रावास के चीफ वार्डन पद पर होने के नाते अक्सर होस्टलों पर छापामारी करता रहता हूं, जिससे पता चला है कि विश्वविद्यालय में भी कुछ विद्यार्थी नशे कका शिकार हो चुके हैं। इसके बाद भी मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस कार्यक्रम से वो विद्यार्थी जागरूक होंगे। उन्होंने बच्चों को नशों से दूर रहने का आग्रह करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।