कुरुक्षेत्र। सरकारी तौर पर धान खरीद शुरू होने में अभी एक सप्ताह बाकी है लेकिन अभी से ही सड़कों व ब्रह्मसरोवर के आसपास अस्थाई अनाजमंडियां लगनी शुरू हो गई है। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से आपत्ति जताने के बाद भी इन मंडियों पर अंकुश नहीं लग पाया है। जिससे पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने पहले 23 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने का निर्णय लिया था लेकिन अब यह खरीद एक अक्तूबर से शुरू होनी है जबकि किसान करीब 15 दिनों से धान कटाई में लगे हैं। अनाजमंडियों में धान की आवक भी बढ़ने लगी है। खरीद शुरू न होने से थानेसर अनाजमंडी में उठान भी नहीं हो रहा और अभी से मंडी लबालब दिखाई देने लगी है। यहां तक कि धान की ढेरियां ब्रह्मसरोवर के आसपास भी लगाई जाने लगी है।
यहां लगने वाली अनाजमंडियों पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड पिछले सीजन में भी आपत्ति जता चुका है। यहां तक कि जिला उपायुक्त के समक्ष भी यह समस्या रखी गई थी, जिसमें बताया गया था कि इससे ब्रह्मसरोवर के आसपास अव्यवस्था फैल जाती है। यहां आने वाले पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ती है तो वहीं नवंबर में शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियां भी बाधित होती है। यहां तक कि बिजली निगम की ओर से यहां बिजली कनेक्शन न दिए जाने का भी निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद अब फिर यहां अनामंडियां लगने लगी है, जिसे देख हर कोई हैरत में हैं।
बारीक धान की हो रही खरीद, मोटे धान के लिए इंतजार
अनाज मंडियों में मोटे धान के साथ-साथ बारीक धान की भी आवक हो रही है। मोटे धान पीआर की सरकारी तौर पर खरीद एक अक्तूबर से शुरू होेनी है जबकि बारीक धान की खरीद निजी कारोबारियों द्वारा की जा रही है। हालांकि थानेसर अनाजमंडी में भी आवक बढ़ रही है जबकि उठान न के बराबर है। ऐसे ही हालात हर सीजन में होते हैं, जिसका खामियाजा किसानों को ही भुगतना पड़ता है।
फिर जताई जाएगी आपत्ति : सिंघल
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि पिछले सीजन में जिला उपायुक्त के समक्ष मांग उठाई गई थी कि ब्रह्मसरोवर पर अनाजमंडियां न लगने दी जाए। इसी आपत्ति के बाद थानेसर अनाजमंडी में फड़ विस्तार भी किया गया था। अब फिर ये मंडियां लगने लगी है, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
डीसी बोले, निकाला जाएगा समाधान
उपायुक्त राजेश जोगपाल का कहना है कि वे अगले एक-दो दिन में ही थानेसर अनाजमंडी का निरीक्षण भी करेंगे तो पूरा जायजा लिया जाएगा कि आखिर ब्रह्मसरोवर के आसपास अनाज क्यों डाला जाता है। मंडी में विस्तार की स्थिति होगी तो कार्य किया जाएगा। प्रयास किए जाएंगे कि अगले सीजन से ब्रह्मसरोवर के आसपास अनाजमंडियां न लगने पाए।