संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। सरस्वती ड्रेन पर बनाए जा रहे अस्थाई पुल के निर्माण को लेकर राज्य मंत्री संदीप सिंह की ओर से अधिकारियों को लगाई फटकार व दिए गए दिशा-निर्देश का असर मंगलवार को देखने को मिला। सरकारी अस्पताल की नई बिल्डिंग के पीछे बनाए जाने वाले अस्थाई पुल को पुराने टूटे हुए जर्जर पुल के पास शिफ्ट कर दिया गया। राज्य मंत्री संदीप सिंह के मंगलवार को बाहर होने के चलते उनके भाई लेफ्टिनेंट बिक्रमजीत सिंह ने निर्माण कार्य शुरू करवाया।
बिक्रमजीत ने कहा कि जनता का राज है और काम भी जनता की मर्जी से होना चाहिए। पहले जो पुल विभाग द्वारा बनाया जा रहा था। वह बहुत दूर था। इससे लोगों की परेशानी कम नहीं होती। जिसे देखते हुए राज्य मंत्री संदीप सिंह ने अधिकारियों को मौके का दौरा करके सख्त निर्देश दिए थे कि इस पुल को यहां की बजाय पुराने जर्जर पुल के बिल्कुल साथ बनाया जाए, जिसके चलते अधिकारियों ने मंगलवार को पुराने पुल से महज 100 मीटर दूर चीका रोड की तरफ अस्थाई पुल बनाने का काम शुरू कर दिया। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पुराने पुल से चीका की साइड में लगभग 100 मीटर की दूरी पर इस पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए अर्थमूविंग मशीन लगा दी गई है।
उन्होंने बताया कि इसमें सीमेंट का रैंप बनाया जाएगा। इसके बाद पाइप में लगाकर पानी की निकासी का रास्ता दिया जाएगा और उसके ऊपर से वाहनों के गुजरने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि एक सप्ताह में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इससे दुकानदारों और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस पुल की जगह शिफ्ट होने से सीधा फायदा मॉडल टाउन, जेपी कॉलोनी, अनाज मंडी के लोगों के साथ यहां से गुजरने वाले हजारों वाहनों को भी होगा जो पिछले काफी समय से कई किलोमीटर लंबा बाईपास का चक्कर लगाकर दूसरी तरफ जा रहे थे। फिलहाल पुल का मामला सुलझने पर शहर के लोगों ने राहत की सांस लेते हुए राज्य मंत्री संदीप सिंह का आभार व्यक्त किया।