कुरुक्षेत्र। श्री लक्ष्मी रामलीला ड्रामाटिक क्लब विष्णु कालोनी द्वारा रेलवे रोड पर भगवान परशुराम चौक के सामने पुराना थाना ग्राउंड में शनिवार की रात कलाकारों ने केवट द्वारा राम-लक्ष्मण-सीता को गंगा नदी पार कराना,चित्रकूट में राम द्वारा पर्णकुटि बनाकर रहना,शत्रुघ्न द्वारा मंथरा की पिटाई और भरत मिलाप आदि प्रसंगो के दृश्य दिखाए।
बीआर इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन दीपक चोपड़ा ने बतौर मुख्यातिथि आरती में हिस्सा लिया। रामलीला दृश्यों के बीच-बीच में कलाकार लटोरा-चटोरा ने दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। मंच पर दिखाया गया कि भगवान राम के वनवास जाने पर भरत अपनी माता केकई को खूब खरी खोटी सुनाते हैं। वहीं इस षडयंत्र की रचियता मंथरा दासी की शत्रुघ्न पिटाई करते हैं। मंच पर जब मंथरा चिल्लाती है आई मां मर गई...यह सुनकर सभी दर्शक ठहाका लगाकर कहते हैं कि और मारो और मारो। भरत मंत्रियों सहित राम से मिलने का निर्णय करते हैं और सभी अयोध्या वासियों के साथ वनों में राम को खोजते हैं। विलाप करते हुए भरत वृक्षों और लताओं से भी पूछते हैं कि मेरे भैया राम कहां गए। मंच पर दिखाए गए गीत बोलो ये जमीं, बोलो आसमां कौन सी दिशा में गए भैया मेरे राम... ने दर्शकों को भावुक कर दिया। उधर केवट श्रीराम-लक्ष्मण-सीता को गंगा नदी पार कराते हैं। चित्रकूट में राम पर्णकुटि बनाकर रहने लगते हैं। वहीं, थोड़ी देर पश्चात भरत का आगमन होता है।
सह निर्देशक मोहन लाल नागपाल ने बताया कि राम लीला के मंच पर महेंद्र ठाकुर ने राम,सुभाष सैनी ने लक्ष्मण,गुलाब सिंह ने सीता,कुलवंत भट्टी ने वशिष्ठ,रमेश शर्मा ने कैकेई,अश्वनी कुमार ने कौशल्या,ओम प्रकाश चनालिया ने सुमित्रा,राहुल कालड़ा ने भरत,गोविंद ने शत्रुघ्न,राजेश बंसल और रमेश चुघ ने केवट और दिलबाग ने मंथरा की भूमिका की। कार्यक्रम में सरंक्षक सुरेंद्र कुमार गुप्ता, चेयरमैन राजिंद्र कुमार गर्ग,प्रधान मास्टर सुंदर लाल,उपप्रधान गुलशन कुमार रतडा, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश कालड़ा, रामअवतार मित्तल, मुख्य निर्देशक कुलवंत सिंह भट्टी, निर्देशक राजेश बंसल, मंच संचालक हुक्म चंद धवन व नितिन सिंगला आदि मौजूद रहे।