संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शिक्षक तालमेल कमेटी ने मुख्यमंत्री सम्मान शिक्षा राहत सहायता व अनुदान योजना (चिराग) को रद्द कराने के लिए मोर्चा खोल दिया है। योजना के खिलाफ शुक्रवार को शिक्षकों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना के देकर रोष प्रदर्शन किया। साथ ही कमेटी के संयोजक अतुल शास्त्री की अगुवाई में मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त मुकुल कुमार को ज्ञापन दिया।
जिला प्रधान पवन शर्मा ने बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2022- 23 के लिए उपरोक्त स्कीम के तहत सरकारी स्कूलों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के दूसरी से 12वीं कक्षाओं के बच्चों के दाखिले निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में करने का कार्यक्रम तय किया गया है। यह सरासर गलत है, जिससे अध्यापक वर्ग में भारी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना सरकारी स्कूलों को कमजोर और पंगु बना देगी।
शारीरिक शिक्षक संघ समिति के चेयरमैन सचिन ने कहा कि सरकार को सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए अध्यापकों के रिक्त पड़े करीब 50 हजार पदों को भरना चाहिए। इससे एचटेट पास युवक-युवतियों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे, लेकिन सरकार चिराग जैसी योजनाएं लाकर और रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त अध्यापकों को भर्ती करके अपनी जिम्मेदारियों से किनारा कर रही है। इसके अलावा सांस्कृतिक मॉडल स्कूलों में दाखिला फीस लगाकर सरकार ने जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया है।
उन्होेंने कहा कि यह शिक्षा के अधिकार अधिनियम का सरासर उल्लंघन है। स्कूलों को मर्ज करना, व्यवहारिक युक्तिकरण की नीति, मेवात में एनजीओ द्वारा शिक्षकों की भर्ती सरकारी स्कूलों में दाखिला में शर्त लगाना, समय पर किताबें उपलब्ध न कराना, पहली दूसरी कक्षाओं को एनजीओ को सौंपना, अध्यापकों की भर्ती न करना सहित कई अनुचित फैसले सरकारी स्कूलों को बर्बाद करने वाले हैं।
मांग है कि सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए चिराग योजना को वापस करे। यदि सरकार अध्यापक और शिक्षा विरोधी फैसले वापस नहीं लेती है तो शिक्षक तालमेल कमेटी अगली रणनीति बनाकर आंदोलन चलाएगी, जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। इस मौके पर विनोद चौहान, राजेश राज, सुदर्शन कुमार ,रामेश्वर, संदीप चौहान, सूबे सिंह सुजान, अनिल गर्ग, गिरधारी आदि मौजूद रहे।