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जिले में पांच लाख 52 हजार 560 पौधे लगाने का लक्ष्य : सुभाष सुधा

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कुरुक्षेत्र। कार्यकर्ताओं की बैठक लेते राज्यमंत्री सुभाष सुधा। विज्ञप्ति
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कुरुक्षेत्र। जिले में वन विभाग की तरफ से पांच लाख 52 हजार 560 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मानसून के सीजन में वन विभाग की ओर से विभिन्न किस्मों के पांच लाख 25 हजार पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसमें खास बात रहेगी कि जिले में चलने वाला पौधरोपण कार्यक्रम एक पेड़ मां के नाम समर्पित रहेगा। उक्त जानकारी शहरी स्थानीय निकाय राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने दी।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक पेड़ मां के नाम पर तीन करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। इसके लिए हर गांव, हर सड़क, हर गली पेड़ की छांव में हो, ऐसा लक्ष्य लेकर धर्मनगरी में बड़े स्तर पर एक पेड़ मां के नाम विषय को लेकर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत लगभग विभिन्न किस्म के लाखों पौधे रोपित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। धर्मनगरी को ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की कमान हर नागरिक को एक संकल्प के साथ संभालनी होगी। जिले में औसतन पिछले वर्षों की अपेक्षा बारिश कम हो रही और यहां का भूजल स्तर भी काफी नीचे चला गया है। इसका कारण जिले में लगातार पेड़ों का कम होना है।


उन्होंने कहा कि भूजल स्थिति में सुधार लाने के लिए जल संरक्षण पर भी पूरा फोकस रखा जा रहा है। इस पौधरोपण अभियान से पर्यावरण के साथ-साथ भूजल स्तर की स्थिति में भी सुधार होगा। एक पेड़ मां के नाम के तहत जिले के गांवों में हजारों पौधे लगाए जाएंगे। अक्तूबर 2014 से अब तक प्रदेश में 17.96 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं, वित्त वर्ष 2022-23 में 2200 गांवों में सघन पौधारोपण के अंतर्गत 1.90 करोड़ पौधे रोपित किए गए, वित्त वर्ष 2023-24 में एकीकृत गांव पौधारोपण के तहत 2200 गांवों में 2.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 1.72 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
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कई नर्सरियों में तैयार किए गए लाखों पौधे : कुलविंद्र
जिला वन अधिकारी कुलविंद्र ने कहा कि वन विभाग की विभिन्न नर्सरियों में लाखों पौधे तैयार किए गए है। इनमें छायादार किस्म में नीम बरगद, बकैण और डैंक, भैंरा, पीपल, पिलखन, सागवान, पापरी, कदम्ब, महुआ, मौलसिरी, काजलिया, गूलरए गुलमोहर के साथ-साथ कई अन्य पौधे भी शामिल है। इसके अलावा फलों में जामुन, अमरूद, अनार, पपीता, अंगूर, बाल्फोर, नीम, आम, आंवला, शहतूत, लसूड, गलगल, कटहल, बेरी, सुहांजना, इमली, आलूबुखारा के पौधे नर्सरियों में तैयार है।
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