कुरुक्षेत्र। बारिश न होने के चलते कईं क्षेत्रों में सूखने लगी रोपाई की गई धान। संवाद
कुरुक्षेत्र। मौसम में परिवर्तन लगातार जारी है। धूप और छांव का सिलसिला चल रहा है। कभी धूप तो कभी बादल छा रहे हैं। यही कारण है कि तापमान में गिरावट आई है, पर उमस भरी गर्मी से लोगों का बुरा हाल है। उधर धान किसान भी बारिश के लिए आसमान की ओर निहार रहे हैं। जबकि मौसम के जानकार एक दो दिन में बारिश होने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं। बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी तो वहीं दूसरी ओर धान रोपाई के कार्य में तेजी भी आएगी। शनिवार को भी पूरे दिन मौसम में परिवर्तन देखने को मिला।
पूरे जून माह के दौरान ही लोग भीषण गर्मी का सामना करते रहे। हालांकि अधिकतम तापमान 46 डिग्री से अब 34.1 डिग्री तक पहुंच गया है लेकिन उमस भरी गर्मी परेशानी का सबब बनी हुई है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री तक रहा। सप्ताह भर से उमस के चलते लोग मानसून सीजन शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं 15 जून से जिले में धान की रोपाई का कार्य शुरू हो चुका है। अभी तक तेज बारिश न होने का असर धान रोपाई कार्य पर भी पड़ा है। अब धान किसानों को बारिश का इंतजार है।
झांसा के किसान सतबीर सिंह, राजा राम का कहना है कि बारिश न होने से रोपाई किए जा चुके धान के खेत सूखने लगे हैं। उनमें पानी रखना बड़ी चुनौती बन चुकी है। अगले दो-तीन दिन तक बारिश नहीं हुई और गर्मी इतनी ही रही तो विपरीत असर पड़ना लाजमी है। कई किसानों ने गर्मी को देख धान रोपाई रोक दी है। उधर कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि किसानों को अभी बारिश शुरू होने का इंतजार करना चाहिए। उन्हें धान की सीधी बिजाई की ओर भी तव्वजो दिखानी चाहिए, क्योंकि इस फसल में पानी की कम आवश्यकता होती है। सरकार की ओर से जारी इससे जुड़ी योजना का लाभ भी किसान उठा सकते है।