कुरुक्षेत्र। 12वीं पास खेड़ी रामनगर की सुनीता रानी अब महिलाओं के स्वरोजगार स्थापित कर उनके सपनों को पंख लगा रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के चलते अब वे हर किसी के लिए प्रेरणा बनने का काम कर रही हैं। घरेलू बंधनों को पार करते हुए कड़ा संघर्ष कर महिलाओं के 300 से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों को खड़ा कर बड़ा मुकाम हासिल किया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते वर्ष 2016 में हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर समूह सखी के तौर पर काम शुरू किया। शुरुआत में कई मुश्किलों से गुजरना पड़ा, लेकिन कड़ा इरादा कर और अधिक मेहनत करने की ठानी।
अपनी मुश्किलों से सीख लेते हुए दूसरी महिलाओं का सहारा बनने की सोची, पहले गांव की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए जागरूक कर, उनके स्वयं सहायता समूह बनाए और फिर अमीन, फतेहपुर, खासपुर और चंद्रभानपुर सहित कई गांवों में जाकर महिलाओं को स्वरोजगार के लिए जागरूक कर 300 से ज्यादा महिला स्वयं सहायता समूह बनाकर 3200 महिलाओं को जोड़ने में कामयाब रहीं। आज गांव ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों में हर कोई उनका सम्मान करता है।
3200 महिलाएं हुईं आत्मनिर्भर : सुनीता रानी
स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सुनीता रानी का कहना है कि वे पिछले सात वर्ष से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए जागरूक कर रही हैं। अब तक 3200 महिलाएं 300 ग्रुपों के माध्यम से जुड़ चुकी हैं, जो कि अब अपना रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। अब वे महिलाएं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने से लेकर अपने परिवार का पालन पोषण करने में पूरी तरह से सक्षम हैं।
स्वयं का रोजगार कर महिलाएं हुई मजबूत : गौरव कुमार
खंड कार्यक्रम अधिकारी गौरव कुमार का कहना है कि महिलाओं को हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा हैं, गांवों में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनाए गए है, जिसके माध्यम से जुड़कर आज महिलाएं स्वयं का रोजगार स्थापित करने में सक्षम हो रही हैं। महिलाएं स्वयं के रोजगार में भोजनालय, आचार, पशुपालन, मनियारी की दुकान, किराना स्टोर सहित कई अन्य स्वयं के रोजगार स्थापित कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रही हैं। संवाद
कुरुक्षेत्र। स्वंय सहायता समूह के साथ सुनीता रानी।