कुरुक्षेत्र। गुरुद्वारा भ्रमण करने के दौरान गीता निकेतन विद्या मंदिर के विद्यार्थी व शिक्षक।
कुरुक्षेत्र। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर गीता निकेतन विद्या मंदिर में आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को गुरुद्वारा घर में ले जाया गया। वहां सभी विद्यार्थियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के दर्शन किए और पाठी सिंह ने सभी के लिए अरदास की। विद्यालय प्रांगण में वंदना सभा में विद्यार्थियों ने गुरु तेग बहादुर जी के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित किए और शब्द कीर्तन, कविता और भजन के माध्यम से गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, साहस और बलिदान पर प्रकाश डाला। कक्षा तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने गुरु तेग बहादुर जी के पोस्टर बनाए। इसी के साथ ही बहन सोनाक्षी ने गुरु जी के बचपन, आध्यात्मिक प्रवृत्ति, दया और सेवा भाव प्रवृत्ति के बारे में बताते हुए कहा कि मातृभूमि और जनता के अधिकारों के लिए गुरु जी ने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, इसलिए उन्हें हिंद की चादर के सर्वोच्च सम्मान से भी नवाजा गया है। हमें गुरु जी के जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि हम सभी को धर्म की रक्षा के लिए हर परिस्थिति में दृढ़ रहना चाहिए।