कुरुक्षेत्र। भगवान श्रीकृष्ण के शंखनाद करते चित्र काे बनाते हुए कलाकार मानस रंजन। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग में चार दिवसीय कला उत्सव कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका समापन रविवार को हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा रहे। उन्होंने कलाकारों द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर दर्शाए गए दृश्य की जानकारी ली और कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान कलाकार मानस रंजन ने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा का और कलाकार सुनील प्रजापति ने डॉ. ममता सचदेवा का लाइव चित्र बनाया, जिसकी कुलपति ने बहुत सराहना की।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि सभी कलाकार भारतवर्ष के कोने-कोने से विवि में पहुंचे और विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपनी बेहतरीन कलाकृतियां दिखाई और सभी पेंटिंग प्रदर्शनी का हिस्सा बनी। कला उत्सव के माध्यम से सभी ललित कला विभाग के विद्यार्थियों ने बारीकी से कला के गुर सीखने का प्रयास किया। उपनिदेशक डॉ. गुरचरन सिंह ने कहा कि इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य भारतवर्ष की संस्कृति को एक मंच पर लाना है। कुलपति के मार्गदर्शन में आने वाले समय में यह कला उत्सव बहुत बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी, विभागाध्यक्ष प्रो. रामविरंजन, डॉ. दीपक राय बब्बर, डॉ. पवन सहित अन्य शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
इन राष्ट्रीय अवार्डी कलाकारों ने सिखाए कला के गुर
कार्यशाला में राष्ट्रीय अवार्डी अमित दत्त, फ्रीलांसर आर्टिस्ट श्रीकांत कदम, ओडिशा के कलाकार मानस रंजन, एचपी यूनिवर्सिटी के प्रो. हिम चटर्जी, वाराणसी से राष्ट्रीय अवार्डी डॉ. सुनील विश्वकर्मा, गुरुग्राम से सुमित्रा अहलावत, आईजीएन ओपन यूनिवर्सिटी न्यू दिल्ली से डॉ. लक्ष्मण प्रसाद, नवल किशोर, आईजी कॉलेज आगरा से डॉ. विजय ढ़ोर व चंडीगढ़ से कुवि एलुमनी डॉ. रविंद्र सिंह ने चित्रकारी की और उसके बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी कलाकार देशभर के अलग-अलग कोनों से अपने क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ कलाकार है। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा कर कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।धर्मनगरी में उनका अनुभव सुखद रहा।
कुरुक्षेत्र। भगवान श्रीकृष्ण के शंखनाद करते चित्र काे बनाते हुए कलाकार मानस रंजन। संवाद