कुरुक्षेत्र। नशा नाश की जड़ है, आज समाज में नशा चारों ओर बड़ी तेजी के साथ फैल रहा है, जो कि गंभीर समस्या बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार से लेकर केंद्र तक की सरकार नशा मुक्ति को लेकर तरह-तरह के जागरूकता से भरे प्रयास भी अब अधूरे साबित हो रहे हैं। नशा लोगों में इस कदर फैल रहा है कि गंभीर समस्या का रूप ले रहा है, आने वाले कल के युवा नशे में पड़कर अपने जीवन को बर्बाद करने पर लगे हुए हैं। नशे से अपना बचाव करने के लिए हमें जरूरत है स्वयं की पहचान करने की, स्वयं के आत्मविश्वास को जगाने की, अगर कोई भी मनुष्य स्वयं दृढ़ निश्चय कर ले तो किसी भी मंजिल को पा सकने की हैसियत रखता है। इसलिए हमें नशा छोड़ने के लिए स्वयं ठानने की जरूरत है कि आज के बाद हमें स्वयं भी नशा नहीं करना है और दूसरों को भी नशा करने से रोकना है, क्योंकि एक स्वस्थ युवा ही विकसित राष्ट्र का निर्माण सकते हैं। तभी हमारा देश उज्ज्वल बन सकेगा, जब हम नशे के प्रति जागरूक रहेंगे।
तंबाकू से होने वाली बीमारियां
तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ों का कैंसर, श्वास रोग, हार्ट रोग, ब्रेन स्ट्रोक, मुंह का कैंसर, डिप्रेशन, नपुंसकता, हाई ब्लड प्रेशर, स्किन रोग सहित कई गंभीर बीमारियों की आशंका बनी रहती है। दांतों में कैविटी, दांतों का झड़ना, मानसिक भटकाव पैदा करके धूम्रपान का अधिक सेवन करना, तंबाकू को मुंह में चबाने से जीभ की रस ग्रंथियों का सुचारु रूप से कार्य न करना, पाचन तंत्र से संबंधित रोग हो सकते हैं।
कैसे करें बचाव
तंबाकू छोड़ने के लिए अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करें। इसके लिए अदरक के छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिए उन पर काला नमक व नीबू निचोड़ें और धूप में सूखा लें। सूखने के बाद जब भी तंबाकू कि इच्छा हो एक टुकड़ा मुंह में डालकर चूसें न कि चबाएं, क्योंकि अदरक में मौजूद सल्फर मुंह की लार के साथ मिलकर अच्छे परिणाम देता है। तंबाकू से बचाव का दूसरा तरीका है बारीक सौंफ और मिश्री के दानों को मिलाकर धीरे-धीरे चबाएं और तीसरा तरीका सूखे आंवले के टुकड़े, इलायची, सौंफ, हरड़ के टुकड़े पीसकर रखें व जरूरत होने पर मुंह में डालकर चूसें।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. संजय शर्मा ने बताया की वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने धूम्रपान निषेध दिवस 2023 का थीम ‘छोड़ो और जीतो’ है, इसका मुख्य संदेश लोगों को अपने स्वास्थ्य लाभ, भलाई और वित्तीय लाभ के लिए धूम्रपान छोड़ने के प्रयास के लिए प्रोत्साहित करता है। विश्व में तंबाकू से मरने वालों की संख्या लगभग 50 लाख प्रति वर्ष है। युवाओं व महिलाओं में फैशन की होड़ में सिगरेट, हुक्का गुडगुड़ाना लोकप्रिय होता जा रहा है। ताजा अध्ययन के अनुसार एक घंटा हुक्का सेवन के दौरान एक सिगरेट पीने के मुकाबले करीब 200 गुणा ज्यादा धुआं और 70 गुणा ज्यादा निकोटीन का सेवन करना है।