कुरुक्षेत्र। छह महीने पहले हुए दावे के बाद भी थैलेसीमिया रोगी अपनी पेंशन के लिए तरस रहे हैं। पेंशन के लिए उनकी नजर स्वास्थ्य विभाग की ओर बनी हुई है। इस दावे से करीब तीन साल पहले तीन बार रोगियों को पेंशन देने की घोषणा की गई थी, जिसके बाद पिछले साल 10 अक्तूबर को विभाग ने रोगियों को पेंशन देने का दावा किया था। अब की बार विश्व थैलेसीमिया दिवस का थीम थैलेसीमिया रोगियों के जीवन को सशक्त बनाना है। जिले में अभी थैलेसीमिया के पंजीकृत 37 मरीज हैं। इनमें से 25 मरीज 14 साल की उम्र के है, जबकि 12 रोगी 14 साल से ज्यादा की उम्र के हैं।
बता दें पिछले साल भी तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तीन श्रेणियों के मरीजों के लिए मासिक पेंशन के रूप में वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी। इस घोषणा के अनुसार तीन श्रेणियों के मरीजों, जिनमें दुर्लभ 55 बीमारियों, कैंसर की तीसरी व चौथी स्टेज, हीमोफीलिया-थैलेसीमिया के मरीजों को शामिल किया गया है। इन तीनों श्रेणियों के मरीजों को 2750 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। कुरुक्षेत्र में कैंसर की तीसरी व चौथी स्टेज के 75 तथा हीमोफीलिया-थैलेसीमिया के 35 मरीजों का पंजीकरण किया गया था।
थैलेसीमिया रोगी 25 से 22 बच्चे एलएनजेपी अस्पताल में नियमित तौर पर थैलेसीमिया के उपचार ले रहे हैं, जिनको रक्त की आपूर्ति अस्पताल की ओर से कराई जा रही है। बकाया तीन बच्चे अपनी सुविधा के अनुसार अन्य संस्था की मदद से रक्त की आपूर्ति कर रहे हैं। थैलेसीमिया के उपचार के लिए अस्पताल में कैलीफर एवं डेजीरोक्स की गोलियां पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि इस साल मई तक थैलेसीमिया का कोई भी रोगी पंजीकृत नहीं हुआ है। इसके लिए किसी रोगी की मृत्यु की भी सूचना नहीं है। वहीं विभाग की ओर से आज से शुरू होने वाले थैलेसीमिया दिवस से अगले 14 दिन तक लोगों को जागरूक किया जाएगा।
शादी से पहले कराएं अपना टेस्ट
एलएनजेपी अस्पताल के परामर्शक-फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने बताया कि थैलेसीमिया का तीसरा स्तर सीवीयर घातक सिद्ध हो सकता है। इनमें रोगी के शरीर में बेहद कम मात्रा हीमोग्लोबिन बनता है, जबकि दूसरे स्तर मॉडरेट में माइल्ड पहले स्तर की अपेक्षा ज्यादा मात्रा में हीमोग्लोबिन बन जाता है। अच्छा और आयरन युक्त आहार लेने से रोगी को फायदा होता है। शादी से पहले जोड़े को और शादी के बाद करीब तीन महीने के अंदर गर्भवती को अपना एचपीएलसी टेस्ट जरूर कराना चाहिए ताकि रक्त से संबंधित विकार का पता लगाया जा सके।
विभाग के पास भेज दिया रिकॉर्ड : डाॅ. कृष्ण दत्त
डॉ. कृष्ण दत्त ने बताया कि पेंशन के लिए रोगियों का रिकॉर्ड विभाग के पास भेजा जा चुका है। जल्द ही उनकी पेंशन शुरू होने की उम्मीद है। विभाग की ओर से अगले 14 दिन तक शिक्षण संस्थान, सार्वजनिक स्थान और अस्पतालों में थैलेसीमिया रोग के कारण, लक्षण और बचाव की जानकारी दी जाएगी। अस्पताल में भी इसके लिए बैठक और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे साथ ही रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल थैलेसीमिया के मरीज की जांच करते चिकित्सक।