मानसिक रूप से परेशान एक महिला को पुलिस ने उसके परिजनों से मिलवाया। यह महिला नरवाना ब्रांच नहर से निकलने वाली सरस्वती फीडर के पास बैठकर विलाप कर रही थी। राहगीरों ने पूछा तो उसने बताया कि उसका 12 साल का बेटा नहर में डूब गया। पहले तो पुलिस ने नहर में बेटे की तलाश की। बाद में परिजनों से बात करने पर पता चला कि बेटा घर पर ही है और महिला की दिमागी हालत ठीक नहीं है।
वीरवार शाम करीब चार बजे राहगीरों ने ज्योतिसर पुलिस चौकी को सूचना दी कि एक महिला नहर किनारे बैठ कर विलाप कर रही है। वह बता रही है कि उसका 12 वर्षीय बेटा नहर में डूब गया है। सूचना पर ज्योतिसर चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह नरवाना ब्रांच नहर से निकलने वाली सरस्वती फीडर पर उस महिला के पास पहुंचे। पूछने पर महिला ने पुलिस को यह बताया कि उसका 12 वर्षीय बेटा दलजीत नहर में नहाने उतरा था, लेकिन उसके देखते-देखते नहर में डूब गया। पुलिस ने महिला की ओर से बताई हुई जगह पर खुद पानी में उतर कर तलाश शुरू कर दी, लेकिन महिला के बार-बार एक ही बात को अलग-अलग तरह से बताने पर पुलिस को उसकी दिमागी हालत पर शक हुआ। पूछताछ में गांव ज्योतिसर के स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि यह महिला पिछले कई दिनों से यहीं पर घूम रही है। पूछताछ में महिला ने अपना नाम तेजेंद्र कौर पत्नी त्रिलोक सिंह वासी पटियाला गुरु नानक कॉलोनी बताया। उसके बताए फोन नंबर पर बात करने पर पुलिस को पता चला कि उक्त महिला का दिमागी संतुलन खराब है। वह कई दिनों से घर से लापता है, जिसकी तलाश घर के लोग कर रहे हैं। परिवार वालों ने पुलिस को यह भी बताया कि उसका 12 वर्षीय बेटा दलजीत घर पर ही सुरक्षित है। जानकारी के बाद पुलिस महिला को चौकी ले गई ताकि उसके परिजन उसे आकर ले जाएं।