इस्माईलाबाद। मेघा माजरा गांव में उस समय मातम पसर गया जब 32 वर्षीय फौजी गुरसेवक सिंह के सिक्किम में हुए हादसे में शहीद होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिजनों को सांत्वना देने के लिए गांव व आस पड़ोस के गांवों के लोगों का तांता लग गया। जवान के शव का अंतिम संस्कार शनिवार को गांव मेघा माजरा में सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार एक महीने की छुट्टी बिताने के बाद गुरसेवक पिछले शनिवार को ही ड्यूटी पर गया था। पांच सितंबर को भारतीय सेना का ट्रक पश्चिम बंगाल के पेडोंग से सिक्किम के पाकयोंग जिले में सिल्क रूट के रास्ते जुलुक जा रहा था। इसमें गुरसेवक सहित चार जवान सवार थे। भारत चीन बॉर्डर के पास नॉर्थ सिक्किम में सेना का ट्रक भीषण हादसे का शिकार हो गया और करीब 700 से 800 फीट गहरी खाई में जा गिरा। ट्रक में सवार चारों जवान शहीद हो गए। गुरसेवक मार्च 2011 में सेना में भर्ती हुआ था। उसके परिवार में माता बीरमी देवी, पत्नी गुरजीत कौर व दो बच्चे अगमबीर सिंह व नवशिरत कौर है। गुरसेवक सिंह दो घरों का इकलौता बेटा था। उनके चाचा के पास भी बेटा नहीं है और ऐसे में वही दोनों परिवारों का चिराग था। नायक गुरसेवक सिंह के पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो गया था। अब उनके निधन से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
कहा था, ऊपर के इलाके में जा रहा हूं जल्द वापस आ जाऊंगा
ग्रामीणों के अनुसार हादसे के दिन गुरसेवक की अपने परिजनों से फोन पर बात हुई थी। जिसमें कहा था कि वह ऊपर के इलाके में जा रहा है और वहां पर फोन कॉल संभव नहीं है, जिसके चलते बात नहीं हो पाएगी। वह जल्द ही वापस आ जाएगा। यह कहकर वह ट्रक में सिक्किम-चीन बॉर्डर के लिए रवाना हो गया था और रास्ते में उनका ट्रक फिसल कर गहरी खाई में गिर गया और शहीद हो गया। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।