संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में रविवार देर शाम हरियाणवी गायक गजेंद्र फोगाट ने अपने गीतों से युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। हरियाणवी स्टार एवं पब्लिसिटी सेल के चेयरमैन गजेंद्र फोगाट सी मंच पर 26 साल पहले बेस्ट सिंगर व एक्टर का खिताब हासिल कर चुके हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने किया। इसके बाद गजेंद्र फोगाट ने ‘तेरे में जो गरूर न होता यो दिल चकनाचूर न होता’ ‘एक दूजे ते क्यूकरं मिलते जै कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का टूर न होता’, ‘एक बार जो बुला तू लेती तो मैं तुझसे दूर न होता’ गीत गाकर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस अवसर पर उन्होंने ‘जिसके किस्से मैने याद दोस्तो एक सहेली रहैवे मेरी फरीदाबाद दोस्तो’, ‘नीयत की वो माडी दोस्तो, तीन साल बर्बाद कर गई मेरे दोस्तो’, ‘सुन रही है न तू, कि गा रहा हू मैं’, ‘एक हसीना थी एक दिवाना था क्या उमर क्या जमाना क्या फसाना था गाकर’ समां बांध दिया।
उन्होंने गीत ‘तन्ने छोडूंगी भरतार मन्ने ना लोड इसे घरवाले की मन्ने कहवै बहु सब काले की’, ‘माई नी माई मुंडेर पर तेरी बोल रहा है कागा’, ‘उड्या रे कबूतर मेरे डूंगे पे बैठा, देसी देसी न बोला कर छोरी ने’, ‘दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है दुल्हन का तो दिल दिवाना लगता है’, ‘दिल चोरी साडा हो गया’, ‘इस देश की खातिर, देख के वीरों की कुर्बानी’, ‘मेरा रंग दे बंसती चोला, वंदे मातरम, वंदे मातरम से युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, प्रो. शुचिस्मिता, डीवाईसीए निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया, यूनिवर्सिटी सांस्कृतिक परिषद् के अध्यक्ष डॉ. रामपाल सैनी, डॉ दीपक राय बब्बर, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. गुरचरण सिंह मौजूद थे। मंच का संचालन डॉ. आबिद अली ने किया।
छोटी बच्ची ने नृत्य से मोहा मन
ओडिटोरियम हॉल में रत्नावली समारोह के दूसरे दिन सांयकाल में आयोजित हरियाणवी स्टार गायक गजेंद्र फोगाट के गानों पर तीन साल की छोटी बच्ची ने डांस से सभी का मन मोह लिया। उसने स्टेज पर जाकर गायक गजेंद्र फोगाट के साथ ठुमके भी लगाए।
प्रस्तुति से पूर्व सजती प्रतिभागी। संवाद- फोटो : Kurukshetra