इस्माईलाबाद। गुरु गोरख नाथ धाम में प्रवचन करते हुए आचार्य। विज्ञप्ति
इस्माईलाबाद। राम नाम की महिमा बड़ी अपरंपार है। इसकी महिमा से तो पत्थर भी पानी पर तैरते हैं। उक्त विचार आचार्य कमल कुश ने गुरु गोरख नाथ धाम में अपने प्रवचन के दौरान कहे। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम की कृपा होती है तभी राम कथा संभव होती है। राम कथा भक्ति व मुक्ति दोनों देने वाली है। राम कथा ही मनुष्य को मर्यादा में रहने की सीख देती है। सच्चे मन से भगवान का नाम सुमिरन करने वाले पर संकट नहीं आता। गुरु गोरख नाथ धाम के महंत तेजनाथ ने कहा कि भक्ति में रमने वाला हर समय धर्म का कार्य करता है। ऐसे भक्तों पर ईश्वर की कृपा होती है और उन्हें जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिल जाती है।