कुरुक्षेत्र। श्री जयराम विद्यापीठ में मानव समाज के कल्याण एवं विश्व में धर्म की रक्षा की कामना के साथ श्री गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में भगवान श्री गणेश का पूजन एवं आरती की जा रही है। श्री जयराम संस्थाओं के अध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने भी पूजन एवं आरती की। ब्रह्मचारी ने बताया कि भगवान श्री गणेश ने माता पिता शिव पार्वती की परिक्रमा कर पूरे विश्व की परिक्रमा का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा एवं सम्मान से बढ़कर संसार की कोई पूजा नहीं है। माता-पिता व गुरु के आशीर्वाद से तो मनुष्य के माथे की लकीरें बदल जाती हैं। ब्रह्मचारी ने कहा कि संसार का हर प्राणी अपने जीवन को सुखी बनाना चाहता है। सुख पाने का एक ही रास्ता है कि आप सद्कार्य में प्रवृत्त हो जाएं एवं सदैव अच्छे कार्य करें। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने धर्म का सम्मान नहीं करते, वे जीवन में हार जाते हैं। दुख की घड़ी में जो इंसान दूसरों की मदद करता है, वह अपना धर्म निभाता है। विद्यापीठ में के.के. कौशिक, खरैती लाल सिंगला, एस.एन. गुप्ता, राजेश सिंगला, अशोक गर्ग, सतबीर कौशिक, रोहित कौशिक इत्यादि मौजूद रहे।