कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों में हमेशा बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सेवा के महत्व पर जोर दिया जाता है। यह हमारे परिवारों की परंपरा एक ऐसे सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने का उद्देश्य रखती है जहां परिवार की सभी पीढ़ियां सामंजस्य और परस्पर समर्थन के साथ रहती हैं। श्रद्धालुओं से आश्रम में चर्चा करते हुए महंत ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए कुछ प्रमुख बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे संस्कारों एवं परंपराओं में बुजुर्गों को घर का मुखिया और मार्गदर्शक माना जाता है। उनके अनुभव नई पीढ़ियों के लिए ज्ञान का स्रोत होते हैं।