फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्रह्मसरोवर की सुरक्षा राम भरोसे

विज्ञापन
विज्ञापन
48 कोस के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ ब्रह्मसरोवर पर सुरक्षा व्यवस्था शून्य के बराबर है। इसका अपराधी प्रवृत्ति के लोग भी फायदा उठा रहे हैं। बात चाहे ब्रह्मसरोवर परिसर में चोरी-चकारी, छीना-झपटी की घटना की हो या फिर जलीय जीवों के शिकार की। ब्रह्मसरोवर पर यह सब कुछ आम-सी बात हो गई है। गत सप्ताह ही ब्रह्मसरोवर से जलीय जीवों के शिकार के लिए तस्करों द्वारा लगाया गया जाल बरामद हुआ था। इस घटना में श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा केडीबी के अधिकारियों पर मिलीभगत करके तस्करी के आरोप लगा रही है। इस घटना के बाद भी जिला प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) नींद से नहीं जागा है।
विज्ञापन

ब्रह्मसरोवर पर सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ राम भरोसे ही चल रही है। सुरक्षा के लिहाज यहां पर्यटन पुलिस तो तैनात है, मगर उनके पास पुलिस कर्मियों की कमी है और न ही पर्याप्त साधन मौजूद है। साढ़े तीन किलोमीटर में फैले इस सरोवर पर पर्यटन पुलिस के मात्र 14 कर्मी तैनात है, जिनमें होम गार्ड के जवान भी शामिल है। यह कर्मी भी शिफ्ट वाइज दिन-रात में ड्यूटी करते हैं।
वहीं गश्त के लिए पर्यटन पुलिस को दो स्कूटी दी गई है, मगर यह दोनों स्कूटी खराब हुए छह महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। हालांकि गश्त के लिए पुलिस के पास बैटरी से चलने वाली एक कार मौजूद है, लेकिन इससे गश्त करने में पुलिस टीम को समय अधिक लगता है। उसमें खराबी आने पर पुलिस कर्मियों को पैदल ही गश्त करनी पड़ती है।
विज्ञापन

वहीं 48 कोस का महत्वपूर्ण तीर्थ होने के बावजूद ब्रह्मसरोवर तीसरी आंख के पहरे से महरूम है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और सूर्यग्रहण मेले जैसे बड़े अवसर पर ब्रह्मसरोवर पर 100 से 150 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाते हैं, मगर आयोजन समाप्त होते ही कैमरे तुरंत हटा लिए जाते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु और पर्यटक ब्रह्मसरोवर पर स्नान, पूजा-अर्चना और घूमने के लिए आते हैं। अमावस और पूर्णिमा पर तो हजारों लोग यहां पहुंचते हैं, मगर उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) का कोई ध्यान नहीं है।
ब्रह्मसरोवर परिसर में मुख्य द्वार के सामने एक सीसीटीवी कैमरा स्थापित किया गया है। परिसर में ही केबीडी कार्यालय के पिछले दरवाजे के पास लाइट वाले पोल पर दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इन कैमरों के अलावा ब्रह्मसरोवर परिसर में कहीं भी कैमरे नहीं है, मगर हैरत की बात है कि यह तीनों कैमरे भी खराब पड़े हैं। द्वार के पास लगे कैमरे की तार नीचे लटक रही है।
शाम ढलते ही ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में अंधेरा छा जाता है। हालांकि केडीबी की ओर यहां पर हाई मास्क लाइट की व्यवस्था की रखी है, मगर इनमें से केवल दो लाइटें ही रोशन होती है। पिछले लंबे समय से यह लाइटें खराब है। इसलिए शाम ढलते ही घूमने आने वाले लोग बाग से कन्नी काट लेते हैं।
ब्रह्मसरोवर परिसर से तीन बार शिकार के लिए लगाया गया जाल बरामद हो चुका है। हाल ही में जिला कुरुक्षेत्र में दो बड़ी घटनाओं के बाद भी केडीबी ने कोई सबक नहीं लिया है। पिछले सप्ताह ब्रह्मसरोवर से जाल बरामद हुआ था। वहीं इस सप्ताह शाहाबाद के निकट जीटी रोड से आरडीएक्स बरामद हुआ था। बावजूद केडीबी और जिला प्रशासन सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि केडीबी ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रयास किया था, मगर यह कार्य पूरा नहीं हो पाया। अब परिसर में 110 कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा पर्यटन पुलिस के पास गश्त के लिए स्कूटी का मामला संज्ञान में नहीं है। पुलिस से बातचीत करके दो स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें