इस्माईलाबाद। सतीश कुमार गुम हुए पर्स को उसके असली मालिक सुरेंद्र सिंह को लौटाते हुए।
इस्माईलाबाद। ईमानदारी आज भी जिंदा है। रुपयों से भरा पर्स उसके असली मालिक को लौटाकर एक व्यक्ति ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है। सुरेंद्र सिंह निवासी कलावड़ ने बताया कि वह 30 जुलाई को अपने घर जा रहा था। रास्ते में उसकी जेब से पर्स निकल कर सड़क पर गिर गया, जिसमें 11 हजार रुपये, आईडी कार्ड होने के साथ-साथ अन्य जरूरी कागजात थे। उसने घर जाकर देखा तो वह काफी निराश हुआ ।
उसे अपने पर्स के मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन थोड़ी देर बाद एक व्यक्ति का उसके पास फोन आया और अपना नाम सतीश निवासी शेरगढ़ बताया। उसने पर्स मिलने की बात कही। सतीश ने बताया कि वह महर्षि विद्या ब्यास मंदिर स्कूल की वैन पर ड्राइवर का काम करता है। जब वह स्कूल वैन लेकर काठगढ़ रोड पर जा रहा था तो रास्ते में उसे एक पर्स दिखाई दिया। उसने वैन को रोककर उसे चेक किया तो उसमें पैसे व आईडी कार्ड थे। पर्स में मिले दस्तावेजों से फोन नंबर लेकर उसने सुरेंद्र सिंह को फोन कर उसके पर्स के बारे में जानकारी दी। सुरेंद्र ने उसका आभार जताया और कहा कि आज भी ईमानदारी जिंदा है।