कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के तीसरे दिन सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हरियाणवी कलाकार रामकेश जीवन पुरिया तथा उनके साथी कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं लोकगीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने किया। रामकेश जीवन पुरिया हरियाणा के प्रसिद्ध गायक हैं जो अपनी गायकी व कविताओं के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का संदेश देते हैं। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में जमाना रंग बदलता है, ना पहने आली हवा रही ना पहले आला पानी, सुख थोड़ दुख घणे जगत में, देख जमाना बदल गया सहित कई हरियाणवी व धार्मिक गीतों की प्रस्तुतियां दीं। उनके गीतों पर सरस्वती तट पर पर मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का स्वागत किया तथा उनके गीतों पर खुशी से झूमे। रामकेश जीवन पुरिया ने अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों को समाज में फैली कुरीतियों को जड़ से खत्म करने के लिए सहयोग मांगा। समाज में सुधार के लिए स्वयं से शुरू होना पड़ता है और इस काम में देरी नहीं करनी चाहिए। हम सबसे मिलकर ही समाज बनता है।