कुरुक्षेत्र। सावन के तीसरे सोमवार को पूजा अर्चना एवं अभिषेक के बाद जग ज्योति दरबार के महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का मूल सनातन है। उन्होंने सनातन के प्रचार को जीवन का लक्ष्य बनाया है। सनातन के प्रचार के लिए वे निरंतर देश के विभिन्न राज्यों सहित विदेश में भी प्रयास कर रहे हैं। महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि संत महापुरुष ही सनातन धर्म के रक्षक है। वे सनातन की मजबूती के लिए निरंतर संत महापुरुषों से संपर्क करते हैं और उनसे चर्चा करते हैं।
उन्होंने कहा कि संतों की ओर से ही सनातन धर्म की रक्षा, प्रचार-प्रसार व मजबूती के लिए मार्गदर्शन व सलाह दी जाती है। महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि जग ज्योति दरबार की ओर से कार्यक्रम की योजना तैयार की जा रही है। जिसमें साधु-संतों को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए जग ज्योति दरबार सेवा मंडल की टीम विभिन्न राज्यों में जाकर संत महापुरुषों से संपर्क कर कार्यक्रम निर्धारित करेगी। उन्होंने कहा कि सनातन का अर्थ विश्व की साधना, विश्व के कल्याण की कामना और संस्कृति से जुड़ना है।