कुरुक्षेत्र। अतिथियों को स्मृति चिन्ह से सम्मानित करते स्वामी संपूर्णानंद सरस्वती। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के योग भवन परिसर में स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म शताब्दी समारोह के चलते 12 दिवसीय चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का आयोजन किया गया, जिसके छठे दिन राजपुरा व दिल्ली से आए आर्य समाज के लोगों ने यज्ञ में आहुतियां डाली। महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों पर चिंतन किया गया। चिंतन कर महर्षि दयानंद को दुनिया का सबसे बड़ा चिंतक बताया। मुख्य जजमान के रूप में अशोक गर्ग अपनी धर्मपत्नी के साथ शामिल हुए। अतिथि के रूप में जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन प्रवीन उमरी ने भाग लेकर आर्य समाज को दुनिया का सबसे बड़ा सिद्धांतवादी संगठन बताया। इस अवसर पर प्रवीन उमरी ने कहा कि आर्य समाज ने चाहे शिक्षा हो या सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ पूरे सोए हुए देश को जगाने का काम किया था। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य हरिप्रसाद ने कहा कि यजुर्वेद कर्म सिखाता है व ऋगवेद ज्ञान की शिक्षा देता है। कार्यक्रम के संयोजक स्वामी संपूर्णानंद सरस्वती ने आए हुए अतिथियों का गायत्री पट्टिकाओं व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर आचार्य संदीपन, आचार्य प्रदीप, वेद प्रकाश आर्य, प्रवीन आर्य, योगेश आर्य, सुरेंद्र कुमार, चौधरी अजमेर सिंह, नरेंद्र आर्य, रोहित, नरेंद्र कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।