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चरित्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम

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जेल अधीक्षक जगत सिंह को गीता भेंट करते रामकृष्ण गोस्वामी व अन्य। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। मानविकी और सामाजिक विज्ञान विभाग एनआईटी और भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान (बीसीएनएस) नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित सरदार वल्लभ भाई पटेल की 147 वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता पर आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला शुक्रवार को संपन्न हुई। वक्ताओं ने चरित्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम बताई।
कार्यशाला के दौरान जिला जेल, डीएवी कॉलेज पिहोवा और केवीए डीएवी कॉलेज, करनाल में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यशाला के अंतिम दिन संस्थान के सीनेट हॉल में विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों और संस्थान के कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रारंभ में विभागाध्यक्ष एवं कार्यशाला के अध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। सत्र की अध्यक्षता एनआईटी कुरुक्षेत्र के निदेशक प्रो बीवी रमण रेड्डी ने की और मुख्य अतिथि जगत सिंह, जेल अधीक्षक रहे।
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वक्ताओं ने छात्रों को संबोधित करते हुए चरित्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया और उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित किया और समय के साथ वे लाभ प्राप्त करने में सक्षम होंगे। छात्रों को किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहने और भौतिक इच्छाओं के प्रति अपने आकर्षण को नियंत्रित करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा, उन्होंने शांति और प्रगति का माहौल बनाने में राष्ट्रीय सुरक्षा के मूल्य का संकेत दिया। छात्रों को एक अंतर्दृष्टि प्राप्त करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपने दृष्टिकोण को विकसित करने के लिए गीता पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
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